Uttrakhand

उत्तराखंड में 23 अक्टूबर से EVM-VVPAT की जांच, 12 नवंबर से मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान

4 जनवरी 2027 को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची, राजनीतिक दलों को निर्वाचन आयोग ने दी विस्तृत जानकारी

देहरादून। उत्तराखंड में आगामी चुनावी तैयारियों के तहत EVM-VVPAT की प्रथम स्तरीय जांच (FLC) 23 अक्टूबर से शुरू होगी। वहीं, विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2027 (SSR) अभियान 12 नवंबर से प्रारंभ किया जाएगा। इस संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में दोनों प्रक्रियाओं के प्रस्तावित कार्यक्रम और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी गई।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार 23 अक्टूबर से प्रदेश के सभी जनपदों में EVM-VVPAT की प्रथम स्तरीय जांच शुरू की जाएगी। इस प्रक्रिया में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा, ताकि जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।May be an image of one or more people, people studying and text

12 नवंबर को प्रकाशित होगी ड्राफ्ट मतदाता सूची

बैठक में आगामी 1 जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर होने वाले विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान की समय-सारिणी साझा की गई। इसके अनुसार, 12 नवंबर 2026 को प्रारूप मतदाता सूची (ड्राफ्ट वोटर लिस्ट) प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 तक मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या अन्य आवश्यक संशोधनों के संबंध में दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी।

दावे और आपत्तियों के निस्तारण के लिए 28 दिसंबर 2026 तक सुनवाई की जाएगी। इसके बाद 4 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।May be an image of one or more people, people studying and text

विशेष अभियान में मिले एक लाख से अधिक फॉर्म-6

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में 12 से 20 अक्टूबर तक आयोजित विशेष अभियान के दौरान फॉर्म-6 के कुल 1,00,744 आवेदन प्राप्त हुए हैं। फॉर्म-6 का उपयोग नए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए किया जाता है।

फॉर्म-7 आवेदन की संख्या निर्धारित

राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को फॉर्म-7 आवेदन से संबंधित प्रावधानों की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों के अनुसार, दावे एवं आपत्तियों की निर्धारित अवधि के दौरान कोई मतदाता आपत्तिकर्ता के रूप में अधिकतम 10 फॉर्म-7 आवेदन प्रस्तुत कर सकता है। वहीं, मतदाता सूची के सतत अद्यतन की अवधि में कोई व्यक्तिगत मतदाता प्रति माह अधिकतम पांच फॉर्म-7 आवेदन प्रस्तुत कर सकता है।

बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि रहे मौजूद

बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चन्द्र दुम्का, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी और सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास उपस्थित रहे।

राजनीतिक दलों की ओर से भारतीय जनता पार्टी के राजकुमार पुरोहित, इंडियन नेशनल कांग्रेस के अमेंद्र बिष्ट, बहुजन समाज पार्टी के सतेंद्र चोपड़ा, आम आदमी पार्टी के श्याम बाबू पांडेय और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के अनंत आकाश ने बैठक में प्रतिभाग किया।