वोट चोरी के आरोपों पर AAP का निर्वाचन आयोग कार्यालय पर प्रदर्शन, उमा गौड़ सिसोदिया समेत कई कार्यकर्ता हिरासत में
SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची से नाम काटे जाने पर उठाए सवाल, AAP ने निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की
देहरादून। कथित वोट चोरी और मतदाता सूची में नाम काटे जाने के मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन आयोग कार्यालय पर प्रदर्शन कर घेराव किया। महानगर अध्यक्ष संजय क्षेत्री और युवा मोर्चा अध्यक्ष हिमांशु पुंडीर के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदेश अध्यक्ष उमा गौड़ सिसोदिया समेत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।

प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग से पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। पार्टी नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया स्पष्ट और जवाबदेह होनी चाहिए, ताकि किसी भी पात्र मतदाता के अधिकारों का हनन न हो।
SIR प्रक्रिया पर उठाए सवाल, चुनाव आयोग से मांगा जवाब
AAP नेताओं ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के नाम पर देशभर में लगभग 13 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस संबंध में स्पष्टीकरण देने की मांग की। हालांकि, मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की बताई गई संख्या और उसके कारणों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लोकतंत्र में मतदान का अधिकार नागरिकों की महत्वपूर्ण ताकत है। निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है कि मतदाता सूची से जुड़ी शिकायतों का निष्पक्षता से निस्तारण किया जाए और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।

उमा गौड़ सिसोदिया बोलीं—पुलिस कार्रवाई से आवाज दबाने का आरोप
AAP की प्रदेश अध्यक्ष उमा गौड़ सिसोदिया ने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि धामी सरकार पुलिस के जरिए जनता की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों और राजनीतिक दलों का अधिकार है। उनके मुताबिक, मतदाता अधिकारों से जुड़े सवालों का जवाब देने के बजाय प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना उचित नहीं है।
सिसोदिया ने कहा कि आम आदमी पार्टी मताधिकार और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए अपना अभियान जारी रखेगी। उन्होंने दावा किया कि पुलिस की कार्रवाई से पार्टी कार्यकर्ताओं का हौसला कम नहीं होगा और इस मुद्दे को जनता के बीच उठाया जाता रहेगा।
पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग

पार्टी नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने निर्वाचन आयोग से मतदाताओं की शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई करने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने वालों के अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित करने की मांग की।
प्रदर्शन में प्रदेश महासचिव श्याम बाबू पांडेय, महिला मोर्चा अध्यक्ष मंजू शर्मा, छात्र इकाई अध्यक्ष अक्षय शर्मा, यामिनी आले, ऊषा शर्मा, जितेन पंथ, रेखा सिंह, राजीव तोमर, नरेंद्र सिंह और सीपी सिंह समेत पार्टी के कई कार्यकर्ता शामिल रहे।
AAP ने स्पष्ट किया कि मतदाता अधिकारों और निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता से जुड़े मुद्दों पर उसका विरोध अभियान जारी रहेगा।

