Uttrakhand

उत्तराखंड को मिला नौवां राज्यपाल, डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने ली पद एवं गोपनीयता की शपथ

लोकभवन में हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी ने दिलाई शपथ, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 12 अक्टूबर को की थी नियुक्ति

देहरादून। उत्तराखंड को नया राज्यपाल मिल गया है। डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को देहरादून स्थित लोकभवन में उत्तराखंड के नौवें राज्यपाल के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ग्रहण की। उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी ने उन्हें शपथ दिलाई। इसके साथ ही डॉ. बिसेन ने राज्यपाल के रूप में विधिवत कार्यभार संभाल लिया।

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शपथ ग्रहण समारोह से पहले मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की ओर से जारी नियुक्ति वारंट पढ़कर सुनाया। शपथ ग्रहण के बाद राज्यपाल डॉ. बिसेन ने उत्तराखंड पुलिस की ओर से प्रस्तुत गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया। समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित प्रदेश के कई वरिष्ठ नेता, मंत्री, अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

गुरमीत सिंह का स्थान लेंगे डॉ. बिसेन

डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह का स्थान लिया है, जिन्होंने 15 सितंबर 2021 को उत्तराखंड के राज्यपाल का पदभार संभाला था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 12 अक्टूबर 2026 को डॉ. बिसेन को उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त किया था। उनकी नियुक्ति अन्य राज्यों में किए गए राज्यपालों के फेरबदल का हिस्सा थी।

 

शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण पर रहेगा विशेष फोकस

राज्यपाल के रूप में शपथ लेने के बाद डॉ. बिसेन ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की सेवा का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने प्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के साथ यहां के लोगों की मेहनत, साहस और राष्ट्रसेवा की भावना की सराहना की।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि वीरभूमि भी है। यहां के युवाओं, किसानों, महिलाओं और सशस्त्र बलों में सेवा देने वाले लोगों का प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान है।

डॉ. बिसेन ने अपने कार्यकाल की प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि संवैधानिक मूल्यों की रक्षा, राज्यपाल पद की गरिमा बनाए रखना और राज्य सरकार तथा जनता के साथ मिलकर प्रदेश की प्रगति को गति देना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन, पर्यावरण, रोजगार और जनकल्याण के क्षेत्रों में विकास के प्रयासों को आगे बढ़ाने पर भी उन्होंने जोर दिया।

 

मध्य प्रदेश की राजनीति से राज्यपाल पद तक का सफर

14 मई 1952 को मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के पिपरिया गांव में जन्मे डॉ. ढाल सिंह बिसेन पेशे से चिकित्सक और कृषक रहे हैं। उनका लंबा राजनीतिक अनुभव मध्य प्रदेश की विधानसभा से लेकर लोकसभा तक फैला हुआ है।

डॉ. बिसेन वर्ष 1990 से 2008 के बीच चार बार मध्य प्रदेश विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार में वन, परिवहन, खनिज, स्कूल शिक्षा और जेल जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2012 से 2013 तक उन्होंने मध्य प्रदेश राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया।

इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में अपनी भूमिका निभाई और मई 2019 में मध्य प्रदेश की बालाघाट लोकसभा सीट से 17वीं लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए। अब उत्तराखंड के राज्यपाल के रूप में उनकी नई संवैधानिक जिम्मेदारी शुरू हुई है।

 

समारोह में कई प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद

शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, तीरथ सिंह रावत और विजय बहुगुणा सहित कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। इसके अलावा कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, सुबोध उनियाल, डॉ. धन सिंह रावत, गणेश जोशी, खजान दास और मदन कौशिक भी समारोह में शामिल हुए।

समारोह में सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह और महेंद्र भट्ट, पूर्व सांसद नरेश बंसल, विधायक प्रेमचंद अग्रवाल और सविता कपूर, योग गुरु स्वामी रामदेव, परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।