उत्तराखण्ड STF की बड़ी कार्रवाई: बाल यौन शोषण से जुड़ी सामग्री डाउनलोड करने का मामला आया सामने, 150 मुकदमे दर्ज
उत्तराखण्ड STF की बड़ी कार्रवाई: बाल यौन शोषण से जुड़ी सामग्री डाउनलोड करने का मामला आया सामने, 150 मुकदमे दर्ज
देहरादून | 29 अक्टूबर 2026
भारत केसरी
ब्यूरो रिपोर्ट- प्रशांत चौधरी
उत्तराखण्ड में बच्चों के ऑनलाइन यौन शोषण और बाल यौन शोषण से जुड़ी अवैध सामग्री के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स यानी STF ने कार्रवाई तेज कर दी है। STF के मुताबिक, वर्ष 2026 में अब तक NCMEC/CyberTipline और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर प्रदेश में करीब 150 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं।

इसी कार्रवाई के तहत नैनीताल जिले के हल्द्वानी में एक मामले की जांच के दौरान डिजिटल उपकरणों से आपत्तिजनक सामग्री मिलने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में बाल यौन शोषण से संबंधित सामग्री इंटरनेट के माध्यम से खोजने और डाउनलोड करने के साथ एक नाबालिग के साथ अश्लील कृत्य की वीडियोग्राफी से जुड़े तथ्य भी जांच में सामने आए हैं।
11 शिकायतों के आधार पर दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस के अनुसार, 25 अक्टूबर 2026 को NCRP के माध्यम से प्राप्त 11 शिकायतों के आधार पर हल्द्वानी कोतवाली में मुकदमा संख्या 373/2026 दर्ज किया गया। मामले में पॉक्सो अधिनियम की धारा 14/15 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67(B) के तहत कार्रवाई की गई है।
मोबाइल, टैबलेट और लैपटॉप की जांच में मिले डिजिटल साक्ष्य
विवेचना के दौरान पुलिस ने दो रियलमी मोबाइल फोन, एक लेनोवो टैबलेट, एक HP लैपटॉप और एक OPPO मोबाइल का खाली बॉक्स बरामद किया। STF के मुताबिक, डिजिटल उपकरणों की तकनीकी जांच में ब्राउजर की सर्च हिस्ट्री, डाउनलोड हिस्ट्री और अन्य डिजिटल प्रविष्टियां मिलीं। लैपटॉप के एक फोल्डर, ब्रेव ब्राउजर की हिस्ट्री और रीसायकल बिन में भी आपत्तिजनक सामग्री से संबंधित डिजिटल फाइलें मिलने की बात कही गई है।
पुलिस के अनुसार, गूगल क्रोम ब्राउजर में लॉग-इन तीन ई-मेल आईडी की भी जांच की गई। उपलब्ध विवेचनात्मक तथ्यों के आधार पर इनका संबंध साइबरटिपलाइन के जरिए मिली शिकायतों से पाया गया। मामले में डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की गई है।
ऑनलाइन बाल सुरक्षा पर STF की निगरानी
STF अधिकारियों के मुताबिक, साइबर टेक्निकल टीम NCMEC/CyberTipline और NCRP से मिलने वाली सूचनाओं का तकनीकी विश्लेषण कर संबंधित जिलों की पुलिस के साथ साझा कर रही है, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों के प्रति सतर्क रहें। बाल यौन शोषण से जुड़ी अवैध सामग्री को डाउनलोड, संग्रहित या साझा न करें और ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।

