नारी शक्ति की मिसाल बनीं कुंती, द्रौपदी और उत्तरा – श्रीमद्भागवत कथा में भावुक प्रसंगों ने बांधा समां
**नारी शक्ति की मिसाल बनीं कुंती, द्रौपदी और उत्तरा – श्रीमद्भागवत कथा में भावुक प्रसंगों ने बांधा समां**
**📍 बड़कोट/उत्तरकाशी | भारत केसरी
उत्तरकाशी के बड़कोट तहसील अंतर्गत नगाण गांव में आयोजित सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथा व्यास पंडित आयुष कृष्ण नयन महाराज ने नारी शक्ति के अद्भुत स्वरूप पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण केवल भगवान की लीलाओं का ग्रंथ नहीं, बल्कि नारी के धैर्य, स्वाभिमान और श्रद्धा के प्रेरणादायक उदाहरणों से भी परिपूर्ण है।


कथा के दौरान उन्होंने माता कुंती, द्रौपदी और उत्तरा के चरित्रों को नारी शक्ति की मिसाल बताते हुए कहा कि कुंती ने विपरीत परिस्थितियों में भी ईश्वर भक्ति नहीं छोड़ी और जीवनभर संघर्ष करते हुए धैर्य और विश्वास का परिचय दिया। वहीं द्रौपदी को धर्म और स्वाभिमान की प्रतीक बताते हुए उन्होंने चीरहरण प्रसंग का मार्मिक वर्णन किया, जिसमें संकट की घड़ी में भगवान श्रीकृष्ण ने उनकी लाज बचाई।



महाराज ने कहा कि द्रौपदी का चरित्र यह संदेश देता है कि नारी अबला नहीं, बल्कि शक्ति का स्वरूप है और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना ही सच्चा धर्म है। वहीं उत्तरा को ममता और श्रद्धा की प्रतिमूर्ति बताते हुए उन्होंने कहा कि एक माँ की सच्ची प्रार्थना में अपार शक्ति होती है, जिसने गर्भस्थ परीक्षित की रक्षा करवाई।
उन्होंने श्रद्धालुओं को संदेश देते हुए कहा कि संसार में रिश्ते और साधन हर समय साथ नहीं देते, लेकिन सच्चे मन से भगवान को पुकारने पर वे अवश्य सहारा बनते हैं। कथा स्थल “नारी शक्ति जिंदाबाद” और “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष से गूंज उठा।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, राज्यमंत्री रामसुंदर नौटियाल, प्रदेश प्रवक्ता नवीन ठाकुर सहित कई जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कथा का समापन 3 मई को हवन-यज्ञ एवं विशाल भंडारे के साथ किया जाएगा।

