जंतर-मंतर पर अंकिता भंडारी न्याय को लेकर सत्याग्रह
जंतर -मंतर पर अंकिता भंडारी न्याय को लेकर सत्याग्रह, धीरेंद्र प्रताप गिरफ्तार
** नई दिल्ली
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अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित सत्याग्रह के दौरान उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष और पूर्व मंत्री धीरेंद्र प्रताप को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। करीब चार घंटे तक उन्हें संसद मार्ग थाने में रखा गया, जहां उनके मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए गए और किसी से संपर्क नहीं करने दिया गया।
अंकिता भंडारी न्याय संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले यह सत्याग्रह आयोजित किया गया था। आंदोलनकारियों का आरोप है कि सीबीआई की जांच में लापरवाही बरती जा रही है और पीड़ित परिवार की शिकायत को नजरअंदाज किया जा रहा है।

धीरेंद्र प्रताप ने अपनी गिरफ्तारी को लोकतंत्र की हत्या बताते हुए कहा कि उन्हें बिना अनुमति प्रदर्शन करने के आरोप में रोका गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने जबरन हिरासत में लेकर उनके मौलिक और मानवाधिकारों का हनन किया और वकील तक से बात नहीं करने दी।
दूसरी ओर, महिला मंच की कमला पंत के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर के दूसरे गेट पर विरोध प्रदर्शन जारी रखा। इस दौरान गरिमा मेहरा दसौनी समेत कई नेताओं ने सीबीआई जांच पर सवाल उठाए और कहा कि मामले में एक “वीआईपी” को बचाने की कोशिश की जा रही है।


प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वनंतरा रिजॉर्ट पर बुलडोजर चलाना, संदिग्ध आगजनी और साक्ष्यों के नष्ट होने जैसी घटनाएं जांच की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती हैं।
“पीड़ित परिवार की शिकायत को आधार बनाया जाए, जांच निष्पक्ष हो और उस वीआईपी का नाम सार्वजनिक किया जाए, जिसके कारण यह जघन्य अपराध हुआ।”
आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो यह आंदोलन और तेज किया जाएगा।
अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर उत्तराखंड से लेकर दिल्ली तक आवाज बुलंद हो रही है। अब देखना होगा कि इस मामले में जांच एजेंसियां और सरकार क्या कदम उठाती हैं।

