अंकिता भंडारी प्रकरण: दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति के विरोध में कांग्रेस का प्रदेशव्यापी प्रदर्शन
उत्तराखंड कांग्रेस की जिला, ब्लॉक और न्याय पंचायत स्तर पर कैंडल मार्च व मशाल जुलूस निकालने की अपील; दुष्यंत गौतम को राज्यपाल पद से वापस बुलाने की मांग तेज
देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के विरोध में कांग्रेस ने प्रदेशव्यापी अभियान चलाने का आह्वान किया है। पार्टी ने इस नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए उन्हें राज्यपाल पद से वापस बुलाने की मांग की है। कांग्रेस ने संगठन की सभी इकाइयों से कैंडल मार्च, मशाल जुलूस और दीप प्रज्वलन के माध्यम से विरोध दर्ज कराने की अपील की है।.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अंकिता भंडारी के माता-पिता से मुलाकात कर उनके प्रति समर्थन व्यक्त किया। राहुल गांधी ने कहा कि अंकिता के माता-पिता अपनी बेटी के लिए न्याय की गुहार लेकर इंडिया गेट पर बैठे हैं और कांग्रेस पार्टी दुख की इस घड़ी में तथा न्याय की लड़ाई में उनके साथ खड़ी है।
राज्यपाल नियुक्ति पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस की ओर से जारी अपील में कहा गया है कि अंकिता भंडारी प्रकरण में न्याय की मांग लंबे समय से उठ रही है। ऐसे में दुष्यंत गौतम की राज्यपाल के रूप में नियुक्ति ने उत्तराखंड में राजनीतिक विवाद को और तेज कर दिया है।
कांग्रेस ने नियुक्ति पर आपत्ति जताते हुए संभावित आरोपियों को संरक्षण दिए जाने की आशंका व्यक्त की है और केंद्र सरकार से दुष्यंत गौतम को पद से वापस बुलाने की मांग की है। हालांकि, नियुक्ति को लेकर लगाए गए राजनीतिक आरोपों और आशंकाओं की स्वतंत्र पुष्टि इस अपील में प्रस्तुत नहीं की गई है।
जिला, ब्लॉक और न्याय पंचायत स्तर पर प्रदर्शन की अपील
कांग्रेस ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, विधायकों, पूर्व विधायकों, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वर्तमान एवं पूर्व पदाधिकारियों, चुनाव प्रत्याशियों और जिला व ब्लॉक अध्यक्षों से अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है।
पार्टी की योजना के तहत जिला, ब्लॉक और न्याय पंचायत स्तर के साथ-साथ शहरी एवं अर्धशहरी क्षेत्रों में कैंडल मार्च और मशाल जुलूस आयोजित करने तथा एक दीपक प्रज्वलित कर अंकिता के परिवार को समर्थन देने का आह्वान किया गया है।
इसके अतिरिक्त जिला अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं से 13 अक्टूबर से अब तक पार्टी नेताओं द्वारा दिए गए बयानों के आधार पर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने को कहा गया है।
न्याय की मांग को लेकर अभियान जारी रखने का ऐलान
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि दुष्यंत गौतम को राज्यपाल पद से वापस बुलाने की मांग को लेकर अभियान जारी रखा जाएगा। पार्टी ने अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं से इस मुद्दे पर एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की है।
राहुल गांधी के बयान के बाद अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने के संकेत हैं। कांग्रेस इस मामले को न्याय, महिला सुरक्षा और जवाबदेही से जोड़कर उठा रही है, जबकि नियुक्ति से संबंधित आरोपों और आशंकाओं पर निष्कर्ष निकालने के लिए प्रमाणित तथ्यों और संबंधित पक्षों के आधिकारिक पक्ष का सामने आना आवश्यक है।

