National Trade Union Congress (INTUC)Uttrakhand

इंटक स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया, श्रमिक हितों पर उठी आवाज

 

 

 

देहरादून, 3 मई 2026। भारत केसरी

भारतीय राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) के स्थापना दिवस के अवसर पर रविवार को प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। देहरादून स्थित कांग्रेस भवन के सभागार में आयोजित मुख्य कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश इंटक अध्यक्ष **हीरा सिंह बिष्ट** ने की, जिसमें प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

इस अवसर पर वक्ताओं ने इंटक की स्थापना के ऐतिहासिक महत्व को याद करते हुए बताया कि 3 मई 1947 को स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी नेताओं—महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल और डॉ. भीमराव अंबेडकर—की प्रेरणा से श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा हेतु इंटक की स्थापना की गई थी। संगठन के प्रथम अध्यक्ष स्व. गुलजारीलाल नंदा बनाए गए थे।

 

कार्यक्रम में वक्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार की कथित श्रम विरोधी नीतियों पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इन नीतियों के चलते श्रमिकों का शोषण बढ़ रहा है और उन्हें उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। साथ ही, प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना लागू न होने पर आंदोलनरत कर्मचारियों को शीघ्र न्याय दिलाने की मांग भी उठाई गई।

 

इसी क्रम में ऑर्डनेंस फैक्ट्री देहरादून में कर्मचारी यूनियन द्वारा हलवा वितरण कर स्थापना दिवस मनाया गया।

वक्ताओं ने उपनल कर्मचारियों को “समान कार्य के लिए समान वेतन” के न्यायालयीन आदेशों के बावजूद विभागों द्वारा हो रही देरी पर भी नाराजगी जताई। इसके अलावा, प्रदेश में लगभग 60 हजार रिक्त पदों के बावजूद युवाओं को नियमित रोजगार न मिलने, तथा पेपर लीक जैसी घटनाओं पर भी चिंता व्यक्त की गई।

प्रदेश इंटक अध्यक्ष **हीरा सिंह बिष्ट** ने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण मजदूर, किसान, युवा और महिलाएं प्रभावित हो रहे हैं। निजी संस्थानों में फेयर वेज पॉलिसी का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे श्रमिकों का शोषण बढ़ रहा है।

 

प्रदेश इंटक के प्रमुख महामंत्री **ए.पी. अमोली** ने कहा कि श्रमिकों से 8 घंटे से अधिक कार्य कराया जा रहा है, लेकिन ओवरटाइम नहीं दिया जाता। साप्ताहिक अवकाश के नियमों का पालन नहीं हो रहा है और महिला कर्मियों को आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं।

 

कार्यक्रम में वीरेंद्र नेगी, अनिल कुमार, विक्टर थॉमस, तिजेंद्र सिंह रावत, हिमांशु नेगी, पंकज छेत्री, कलीम अहमद, मनोज कुमार, बालेश कुमार, गिरीश उप्रेती, धनश्याम गुरंग, तनवीर आलम, राकेश राजपूत, अरविंद राजपूत और राजवीर सिंह सहित कई पदाधिकारियों ने अपने विचार व्यक्त  किया।