देहरादून समाधान दिवस में बुजुर्गों की पीड़ा आई सामने, संपत्ति हड़पने और प्रताड़ना की शिकायतों पर डीएम सख्त
92 शिकायतें दर्ज, बुजुर्गों की सुरक्षा से लेकर पेंशन, भूमि विवाद और जनसुविधाओं तक के मामलों में अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश
देहरादून, 12 अक्टूबर 2026।
देहरादून में आयोजित समाधान दिवस के दौरान बुजुर्गों की पारिवारिक प्रताड़ना, संपत्ति विवाद और आर्थिक संकट से जुड़ी कई गंभीर शिकायतें सामने आईं। किसी बुजुर्ग ने बेटे पर संपत्ति अपने नाम कराने और मारपीट करने का आरोप लगाया, तो किसी ने बेटी-दामाद और बहू-बेटों से प्रताड़ित होने की शिकायत की। इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।

सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ऋषिपर्णा सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 92 शिकायतें दर्ज की गईं। जनसुनवाई में पेंशन, भूमि विवाद, अवैध कब्जे, आर्थिक सहायता और जनसुविधाओं से जुड़ी समस्याएं भी प्रमुखता से उठाई गईं।
बुजुर्गों की संपत्ति और सुरक्षा का मामला उठा
जनसुनवाई के दौरान 89 वर्षीय राजन सूद ने आरोप लगाया कि उनके बेटे ने गिफ्ट डीड के जरिए उनकी संपत्ति अपने नाम करा ली। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देखभाल का भरोसा देकर व्यवसाय शुरू करने के नाम पर उनके बैंक खाते से 15 लाख रुपये लिए गए। अब उन्हें देखभाल के बजाय मारपीट और घर से बेदखल किए जाने की आशंका का सामना करना पड़ रहा है। जिलाधिकारी ने एसडीएम सदर को भरण-पोषण अधिनियम के तहत वाद दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
वहीं, सेलाकुई निवासी 68 वर्षीय शंभू प्रसाद ने अपनी पुत्री और दामाद पर मकान में जबरन रहने तथा गाली-गलौज और मारपीट करने के आरोप लगाए। जांझरा निवासी हुकम सिंह ने बड़े बेटे और बहू से प्रताड़ित होने की शिकायत की, जबकि 85 वर्षीय टेक बहादुर राणा ने अपने दोनों बेटों और बहुओं के खिलाफ शिकायत करते हुए उन्हें संपत्ति से बेदखल कराने की मांग की। जिलाधिकारी ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को मामलों में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसके अलावा प्रेमा देवी ने पारिवारिक पेंशन रोके जाने की शिकायत की। इस पर जिलाधिकारी ने मुख्य कोषाधिकारी को उसी दिन पेंशन की धनराशि उनके खाते में हस्तांतरित करने तथा वरिष्ठ नागरिकों की पेंशन से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी नहीं करने के निर्देश दिए।
अनाथ बच्चों की पढ़ाई और जरूरतमंद परिवारों की मदद की मांग
समाधान दिवस में आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवारों की समस्याएं भी सामने आईं। श्यामपुर निवासी विधवा उषा ने बताया कि पति, पुत्र और बहू के निधन के बाद वह अपने अनाथ पोते-पोतियों का पालन-पोषण कर रही हैं। आर्थिक संकट के चलते बच्चों की पढ़ाई जारी रखना उनके लिए मुश्किल हो रहा है।
मालदेवता निवासी सहाय रमोला ने पति की कैंसर के उपचार के बाद मृत्यु होने और दो छोटे बच्चों के भरण-पोषण में आ रही कठिनाइयों से प्रशासन को अवगत कराया। वहीं, ग्राम भुड्डी निवासी महताब अली ने मस्तिष्क संबंधी बीमारी के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग की।
भूमि धोखाधड़ी और अवैध कब्जे की शिकायतों पर कार्रवाई
बालावाला निवासी मीना देवी ने आरोप लगाया कि करीब दस वर्ष पहले एक प्रॉपर्टी डीलर ने गलत खसरा नंबर की भूमि दिखाकर उन्हें 451.67 वर्गमीटर जमीन बेची थी। अब उन्हें न तो जमीन मिल रही है और न ही धनराशि वापस की जा रही है। जिलाधिकारी के निर्देश पर मामले में लैंड फ्रॉड के तहत कार्रवाई कराई गई।
डालनवाला निवासी रणवीर सिंह ने अपनी भूमि पर पड़ोसी द्वारा अवैध कब्जा कर दीवार बनाए जाने की शिकायत की, जिस पर एसडीएम को जांच के निर्देश दिए गए। विकासनगर के सिहनीवाला गांव निवासी नारायण सिंह ने राष्ट्रीय राजमार्ग-72 के निर्माण के लिए अधिग्रहित भूमि का मुआवजा नहीं मिलने का मामला उठाया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को जांच कर प्रकरण का निस्तारण करने को कहा।
अजबपुर कलां में अवैध शराब और नशीले पदार्थों की बिक्री की शिकायत पर जिला आबकारी अधिकारी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं, शास्त्रीनगर के निवासियों ने आवासीय क्षेत्र में शराब, मीट और मछली की दुकानों से उत्पन्न समस्याओं के साथ सार्वजनिक रास्ते पर अतिक्रमण और अवैध निर्माण की शिकायत की। जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी को प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
हर महीने जारी हों बिजली-पानी के बिल, शिकायतों के निस्तारण में न हो लापरवाही
जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों का जमीनी स्तर पर सत्यापन कर वास्तविक स्थिति के आधार पर निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिजली और पानी के बिल दो-तीन महीने का एक साथ भेजने के बजाय प्रत्येक माह नियमित रूप से जारी किए जाएं, ताकि उपभोक्ताओं पर एकमुश्त आर्थिक बोझ न पड़े।
उन्होंने सामाजिक और पारिवारिक पेंशन समय पर उपलब्ध कराने, स्ट्रीट लाइट और सड़कों की मरम्मत में तेजी लाने तथा आपदा से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के पुनर्निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूरा करने पर भी जोर दिया।
जिलाधिकारी ने बताया कि आपदा से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए संबंधित विभागों को धनराशि अवमुक्त कर दी गई है। उन्होंने ई-ऑफिस, सीएम हेल्पलाइन और जनसुविधाओं से संबंधित लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समाधान दिवस में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) केके मिश्रा, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेम लाल भारती, जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल, मुख्य कृषि अधिकारी देवेंद्र राणा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
प्रशासन का जोर स्पष्ट है—जनसमस्याओं का समाधान केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता को समय पर वास्तविक राहत भी मिले

