चमोली के हाथी पर्वत क्षेत्र में हेलीकॉप्टर हादसे, 6 लोग थे सवार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लिया तत्काल संज्ञान, युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश
चमोली/देहरादून।
ब्यूरो रिपोर्ट- प्रशांत चौधरी
भारत केसरी
उत्तराखंड के चमोली जिले में हाथी पर्वत क्षेत्र के आसपास ट्रांस भारत कंपनी के एक सिविल हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका से हड़कंप मच गया है। हेलीकॉप्टर श्री बदरीनाथ धाम से देहरादून के सहस्त्रधारा हेलीपैड की ओर आ रहा था। प्रारंभिक सूचना के अनुसार हेलीकॉप्टर में पांच यात्री और एक पायलट सहित कुल छह लोग सवार थे।
राज्य आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग के अनुसार शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, चमोली को घटना की सूचना प्राप्त हुई। बताया गया कि सेना के सिग्नल सेंटर की टीम ने संबंधित क्षेत्र में हेलीकॉप्टर से धुआं उठते और उसे तेजी से नीचे की ओर जाते हुए देखा था। इसके बाद हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका जताई गई।
मुख्यमंत्री धामी ने दिए तत्काल रेस्क्यू के निर्देश
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास से दूरभाष पर जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान संचालित करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री पूरे घटनाक्रम और बचाव अभियान की लगातार निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि हेलीकॉप्टर में सवार लोगों की सुरक्षा और उन्हें शीघ्र सहायता उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
SDRF, सेना, ITBP और NDRF की टीमें रवाना
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन चमोली ने SDRF, भारतीय सेना, ITBP, NDRF, स्थानीय पुलिस और जिला आपदा प्रबंधन की टीमों को संभावित घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया है।
हेलीकॉप्टर की लोकेशन का पता लगाने और उसमें सवार लोगों की तलाश के लिए जमीनी तथा हवाई दोनों माध्यमों से सघन अभियान चलाया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त यूकाडा के एक रेकी हेलीकॉप्टर और एक रिट्रीवर हेलीकॉप्टर के माध्यम से हवाई सर्वेक्षण किया जा रहा है। सहस्त्रधारा से SDRF की एक अन्य टीम भी घटनास्थल के लिए रवाना की गई है।
अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा गया
संभावित राहत एवं बचाव अभियान को देखते हुए प्रशासन ने चिकित्सा व्यवस्थाएं भी अलर्ट कर दी हैं। बेस अस्पताल श्रीनगर, एम्स ऋषिकेश और संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
शासन स्तर पर लगातार हो रही निगरानी
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव गृह शैलेश बगौली और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ भी पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र द्वारा अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों की नियमित जानकारी दी जा रही है।
वहीं, आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट कर्नल रघुवीर सिंह भंडारी (सेवानिवृत्त) और अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (क्रियान्वयन) डीआईजी राजकुमार नेगी भी राज्य आपदा परिचालन केंद्र पहुंचे और संबंधित अधिकारियों से घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी लेकर विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की समीक्षा की।
आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने भी अधिकारियों से घटना की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।
फिलहाल हेलीकॉप्टर की सटीक स्थिति और उसमें सवार छह लोगों के संबंध में आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। प्रशासन की ओर से तलाश एवं राहत-बचाव अभियान जारी है।
