Uttrakhand

त्रिवेणी घाट के कायाकल्प की तैयारी तेज, महापौर शम्भू पासवान ने किया औचक निरीक्षण; दीपावली तक कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

त्रिवेणी घाट के कायाकल्प की तैयारी तेज, महापौर शम्भू पासवान ने किया औचक निरीक्षण; दीपावली तक कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

 

8.5 मीटर ऊंची रिटेनिंग वॉल से मजबूत होगा घाट का ढांचा, श्रद्धालुओं के लिए बनेंगे प्रवेश द्वार, सीढ़ियां, रैंप और आधुनिक शौचालय

 

ऋषिकेश।

ब्यूरो रिपोर्ट -प्रशांत चौधरी

भारत केसरी

तीर्थनगरी ऋषिकेश के प्रमुख धार्मिक स्थल त्रिवेणी घाट को आधुनिक सुविधाओं से युक्त और आकर्षक बनाने की दिशा में नवीनीकरण एवं सौंदर्यीकरण के कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। इसी क्रम में नगर निगम ऋषिकेश के महापौर शम्भू पासवान ने विभागीय अधिकारियों और कार्यदायी संस्था के अभियंताओं के साथ घाट पर चल रहे निर्माण कार्यों का औचक स्थलीय निरीक्षण किया।

इस दौरान महापौर ने निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से परियोजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के साथ ही निर्माण कार्यों के ब्लूप्रिंट और 3डी लेआउट का भी अवलोकन किया।

 

8.5 मीटर ऊंची रिटेनिंग वॉल से मजबूत होगा घाट

 

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि त्रिवेणी घाट के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने और भविष्य में भू-कटाव की समस्या से बचाव के लिए 8.5 मीटर ऊंची रिटेनिंग वॉल का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही एक मीटर मोटी राफ्ट और पीसीसी फाउंडेशन भी तैयार किया जा रहा है।

 

परियोजना के तहत श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रवेश द्वार, सीढ़ियों और रैंप का निर्माण प्रस्तावित है। इससे बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को घाट तक पहुंचने में आसानी होगी।

 

महिला-पुरुषों के लिए अलग शौचालय, बनेगा ग्रीन जोन

 

त्रिवेणी घाट परिसर में सुविधाओं के विस्तार के तहत महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालय ब्लॉक बनाए जा रहे हैं। वहीं पर्यावरण संरक्षण और घाट की सुंदरता बढ़ाने के उद्देश्य से लैंडस्केपिंग एवं पौधारोपण के लिए ग्रीन जोन भी विकसित किए जा रहे हैं।

 

दीपावली तक निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

 

महापौर शम्भू पासवान ने अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को दीपावली पर्व को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी कुंभ मेले में होने वाले विभिन्न स्नानों से पहले श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े अधिकांश कार्य हर हाल में पूरे कर लिए जाएं।

 

उन्होंने कहा कि त्रिवेणी घाट ऋषिकेश की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख केंद्र है। यहां वर्षभर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में घाट का विकास इस तरह किया जाना चाहिए, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ ऋषिकेश की धार्मिक गरिमा और सुंदरता भी बढ़े।

 

निर्माण की गुणवत्ता से नहीं होगा कोई समझौता

 

महापौर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों और स्वीकृत डिजाइन के अनुरूप ही किए जाएं।

 

उन्होंने निर्माण कार्यों के दौरान गंगा नदी के प्राकृतिक प्रवाह, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखने को भी कहा।

 

महापौर ने कहा कि नगर निगम का लक्ष्य त्रिवेणी घाट को आधुनिक सुविधाओं से युक्त, स्वच्छ, सुंदर और सुव्यवस्थित धार्मिक स्थल के रूप में विकसित करना है, ताकि स्थानीय नागरिकों के साथ देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके।