Uttrakhand

पेपर लीक पर कांग्रेस का बड़ा हमला, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन: रंजीत रंजन

देहरादून। भारत केसरी

देशभर में सामने आए पेपर लीक मामलों को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपना लिया है। कांग्रेस की राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन ने स्पष्ट कहा है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक कांग्रेस युवाओं के अधिकारों और भविष्य की रक्षा के लिए सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष जारी रखेगी।

 

बुधवार को देहरादून प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में रंजीत रंजन ने कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी अभियान “छात्रों की गूंज” की जानकारी देते हुए कहा कि पार्टी अगले 40 दिनों तक युवाओं और छात्रों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को प्रमुखता से उठाएगी। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि छात्रों के भविष्य और उनके संघर्ष के साथ खड़े होने का संकल्प है।

राज्यसभा सांसद ने नीट पेपर लीक प्रकरण का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक और परीक्षा घोटालों ने लाखों छात्रों के सपनों को तोड़ा है। परीक्षा प्रणाली की खामियों और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने में विफल रही है।

 

रंजीत रंजन ने आरोप लगाया कि नीट परीक्षा में कथित धांधली और अनियमितताओं के कारण कई छात्र मानसिक तनाव और निराशा का शिकार हुए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के बजाय सरकार मामले की गंभीरता को नजरअंदाज कर रही है।

पत्रकार वार्ता की शुरुआत देहरादून की छात्रा रिया थापा को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। इस दौरान नीट परीक्षा में शामिल हुए दो छात्र भी मौजूद रहे, जिन्होंने परीक्षा प्रणाली को लेकर अपनी चिंताएं साझा कीं।

 

प्रेस वार्ता में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह, ज्योति रौतेला, वैभव वालिया, इशिता शेड़ा, विशाल भोजक, विकास नेगी, सुमित्तर भुल्लर, गरिमा दसौनी, लाल चंद शर्मा तथा जसविंदर सिंह गोगी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे

कांग्रेस ने साफ संकेत दिए हैं कि पेपर लीक और परीक्षा घोटालों के मुद्दे पर आने वाले दिनों में उसका आंदोलन और तेज होगा तथा छात्रों के हितों से जुड़े सवालों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से उठाया जाएगा।