DEHRADUNDM DEHRADUN

मसूरी के होटल व्यवसायियों ने लिया नशामुक्त पर्यटन का संकल्प, जागरूकता कार्यक्रम में दिलाई गई शपथ

देहरादून। भारत केसरी

अंतर्राष्ट्रीय मादक पदार्थ दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी निरोधक दिवस के अवसर पर मसूरी टाउन हॉल में “नशा मुक्त भारत अभियान” के तहत विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र से जुड़े लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और उत्तराखंड को सुरक्षित एवं नशामुक्त पर्यटन राज्य बनाने की दिशा में सहभागिता सुनिश्चित करना था।

समाज कल्याण विभाग, राजकीय नशा मुक्ति केंद्र (रायवाला) और एसपीवाईएम (SPYM) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में मसूरी के नगर पार्षदों, स्थानीय व्यापार मंडल के अध्यक्ष रजत अग्रवाल सहित विभिन्न प्रतिष्ठित होटलों, रिसॉर्ट्स और गेस्ट हाउस के संचालकों, प्रबंधकों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया।

 

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. राजेश कुमार ने होटल व्यवसायियों को पर्यटन क्षेत्र में नशे की रोकथाम, एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानों तथा संदिग्ध गतिविधियों की पहचान एवं रिपोर्टिंग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पर्यटन उद्योग से जुड़े सभी हितधारकों की सक्रिय भागीदारी से ही उत्तराखंड को सुरक्षित, स्वच्छ और नशामुक्त पर्यटन राज्य बनाया जा सकता है।

 

कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने संस्थानों में नशामुक्त वातावरण बनाए रखने, पर्यटकों को जागरूक करने और समाज में नशे के खिलाफ जनजागरूकता फैलाने का सामूहिक संकल्प लिया।

आयोजकों ने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण में जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है और पर्यटन क्षेत्र की जिम्मेदारी केवल बेहतर सेवाएं देना ही नहीं, बल्कि सुरक्षित सामाजिक वातावरण सुनिश्चित करना भी है।