Uttrakhand

उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय में शान से लहराया तिरंगा, 156 पुलिसकर्मी सम्मानित; डीजीपी दीपम सेठ बोले- पुलिसकर्मी हमारी असली ताकत

देहरादून। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय देहरादून में भव्य समारोह आयोजित किया गया। पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्य करने वाले 156 पुलिसकर्मियों को डीजीपी प्रशस्ति डिस्क ‘गोल्ड’, ‘सिल्वर’ और डीजीपी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

 

अपने संबोधन में डीजीपी दीपम सेठ ने सभी पुलिसकर्मियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानियों, वीर नायकों और अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि उनके त्याग, साहस और बलिदान के कारण आज देशवासी स्वतंत्र राष्ट्र में जीवन जी रहे हैं।May be an image of ‎text that says '‎LEV ובו‎'‎May be an image of text

डीजीपी ने कहा कि राष्ट्र की एकता और अखंडता, संविधान एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है, और इस जिम्मेदारी के निर्वहन में पुलिसकर्मी हमेशा अग्रिम पंक्ति में खड़े रहे हैं।No photo description available.

चारधाम और कांवड़ यात्रा में पुलिस की अहम भूमिका

डीजीपी दीपम सेठ ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस ने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पेशेवर दक्षता और कार्यकुशलता का परिचय दिया है। प्रधानमंत्री के रोड शो में सुरक्षा व्यवस्था की चुनौती हो या केंद्रीय गृह मंत्री की मौजूदगी में आयोजित पांच दिवसीय न्याय संहिता प्रदर्शनी, पुलिस ने अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन किया।

उन्होंने कहा कि विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा और कांवड़ मेले के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर समन्वय के साथ संभालते हुए उत्तराखंड पुलिस ने सुरक्षा, सेवा और आस्था के बीच संतुलन कायम रखा।No photo description available.

साइबर अपराध और पासपोर्ट सत्यापन में उपलब्धियां

डीजीपी ने कहा कि साइबर अपराध प्रबंधन के क्षेत्र में उत्तराखंड पुलिस ने उल्लेखनीय प्रगति की है और प्रगति समीक्षा बैठक में देश के शीर्ष पांच राज्यों में स्थान हासिल किया।

उन्होंने बताया कि पासपोर्ट सत्यापन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उत्तराखंड पुलिस को भारत सरकार की ओर से Institutional Performance Award for State Police प्रदान किया गया है। वहीं BRICS सम्मेलन में सिलक्यारा टनल और धराली-हर्षिल रेस्क्यू मॉडल की सराहना को भी उन्होंने उत्तराखंड पुलिस की कार्यकुशलता का प्रमाण बताया।

खिलाड़ियों और पुलिसकर्मियों की उपलब्धियों का किया जिक्र

डीजीपी ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पुलिस विभाग का गौरव बढ़ाया है। पुलिसकर्मियों के कल्याण और प्रोत्साहन की दिशा में भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में 950 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को समयबद्ध पदोन्नति दी गई है।

‘आप सभी हमारी असली ताकत हैं’

डीजीपी दीपम सेठ ने पुलिसकर्मियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि उत्तराखंड पुलिस की उपलब्धियों के पीछे अनेक नायक हैं। उन्होंने बैरियर पर दिन-रात तैनात जवानों, परिवार से दूर ड्यूटी करने वाली महिला पुलिसकर्मियों, वाहन चालकों, ट्रैफिक कर्मियों, वायरलेस ऑपरेटरों, साइबर विशेषज्ञों और फील्ड में कार्य करने वाले प्रत्येक पुलिसकर्मी को विभाग की असली ताकत बताया।

उन्होंने कहा कि पुलिस का प्रत्येक जवान अपने कर्तव्य के प्रति समर्पित होकर उत्तराखंड की सुरक्षा, सेवा और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।