चुनावी मोड में CM धामी! कल नैनीताल में BJP जिलाध्यक्षों-मंडल अध्यक्षों संग मंथन, सांसद-विधायकों से भी करेंगे बैठक
देहरादून। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार, 16 अगस्त को नैनीताल दौरे पर रहेंगे। मुख्यमंत्री का यह दौरा संगठनात्मक और राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। दौरे के दौरान वह कुमाऊं संभाग के भाजपा जिलाध्यक्षों और मंडल अध्यक्षों के साथ बैठक करेंगे। इसके अलावा अल्मोड़ा और नैनीताल लोकसभा क्षेत्रों के सांसदों एवं विधायकों के साथ भी अलग-अलग बैठक प्रस्तावित है।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री देहरादून से हेलीकॉप्टर के जरिए नैनीताल जिले के चोरगलिया स्थित लाखनमंडी हेलीपैड पहुंचेंगे। इसके बाद सड़क मार्ग से गोलापार स्थित नंधौरगढ़ पैलेस जाएंगे। यहां मुख्यमंत्री कुमाऊं संभाग के भाजपा जिलाध्यक्षों और मंडल अध्यक्षों के साथ संगठनात्मक बैठक करेंगे।
संगठन को मजबूत करने पर होगा फोकस
भाजपा के नैनीताल जिला मीडिया प्रभारी नितिन राणा के मुताबिक बैठक में संगठन को मजबूत करने, आगामी राजनीतिक गतिविधियों और बूथ स्तर तक पार्टी की तैयारियों को लेकर चर्चा होने की संभावना है।
विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ने के बीच मुख्यमंत्री की यह बैठक पार्टी संगठन के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बैठक में जमीनी स्तर पर संगठन की स्थिति, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और आगामी कार्यक्रमों को लेकर भी मंथन हो सकता है।
सांसदों और विधायकों के साथ भी बैठक
संगठनात्मक बैठक के बाद मुख्यमंत्री सांसदों और विधायकों के साथ भी अलग-अलग बैठक करेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दोपहर 3 बजे से अल्मोड़ा लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं विधायकों के साथ बैठक होगी।
इसके बाद शाम 4:30 बजे से 6 बजे तक नैनीताल लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं विधायक मुख्यमंत्री के साथ बैठक करेंगे।
इन बैठकों में क्षेत्र के विकास कार्यों, संगठनात्मक विषयों और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। हालांकि, आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए इन बैठकों का राजनीतिक महत्व भी काफी बढ़ गया है।
कुमाऊं में चुनावी रणनीति पर मंथन के संकेत
मुख्यमंत्री धामी का एक ही दौरे में संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ-साथ सांसदों और विधायकों से बैठक करना आगामी चुनावी तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि बैठकों में सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने, संगठन को बूथ स्तर पर मजबूत करने और आगामी राजनीतिक गतिविधियों की रणनीति पर चर्चा हो सकती है।
मुख्यमंत्री का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं।
