रुद्रपुर में बारावफात जुलूस के दौरान कथित भड़काऊ भाषण मामला: मुफ्ती मुजीब गिरफ्तार, सीएम धामी बोले- कानून के अनुसार होगी सख्त कार्रवाई
रुद्रपुर: उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर में बारावफात जुलूस के दौरान त्रिशूल चौक पर कथित भड़काऊ और आपत्तिजनक भाषण देने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले में रामपुर के दड़ियाल टांडा निवासी मुफ्ती मुजीब को गिरफ्तार कर लिया है।
मुफ्ती मुजीब के भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने, वीडियो की जांच करने और घटनास्थल से जुड़े विभिन्न तथ्यों की पड़ताल के बाद आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ और प्रारंभिक जांच के बाद उसकी गिरफ्तारी की गई।
पुलिस अब आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश करने की कार्रवाई कर रही है।
मदरसों को बंद करने को लेकर कथित चेतावनी देने का आरोप
पुलिस के अनुसार, बारावफात के अवसर पर निकाले गए जुलूस के दौरान रुद्रपुर के त्रिशूल चौक पर एक सभा आयोजित की गई थी। इस दौरान रामपुर जिले के दड़ियाल टांडा निवासी मुफ्ती मुजीब ने सभा को संबोधित किया।
आरोप है कि भाषण के दौरान उन्होंने मदरसों को बंद करने के मुद्दे को लेकर कथित तौर पर चेतावनी देते हुए आपत्तिजनक और भड़काऊ बयान दिए। सभा का वीडियो अगले दिन इंटरनेट मीडिया और सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच शुरू कर दी।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक वायरल वीडियो की जांच की गई। वीडियो में मुफ्ती मुजीब मदरसों से संबंधित मुद्दों पर बयान देते दिखाई दिए।
पुलिस के अनुसार, उन्होंने मदरसों के संबंध में जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेने की बात कही थी। भाषण में यह भी कहा गया कि मदरसों में लोगों को शिक्षा दी जाती है और किसी के साथ जुल्म, ज्यादती अथवा चोरी न करने की सीख दी जाती है।
हालांकि, पुलिस के मुताबिक भाषण के दौरान मदरसों को बंद किए जाने की स्थिति में परिणाम भुगतने की कथित चेतावनी भी दी गई, जिसके बाद मामले की गंभीरता से जांच शुरू की गई।
ईदगाह की भूमि वापस करने की मांग का भी जिक्र
वायरल वीडियो में मुफ्ती मुजीब कथित तौर पर ईदगाह की भूमि वापस करने की मांग करते हुए भी दिखाई दिए।
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस टीम ने त्रिशूल चौक और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और सभा के दौरान मौजूद लोगों से भी जानकारी जुटाई।
देर रात तक चली जांच, पूछताछ के बाद गिरफ्तारी
पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में मामले की देर रात तक जांच की गई। पुलिस ने घटनास्थल, जुलूस में मौजूद लोगों और वायरल वीडियो से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की।
इसके बाद मुफ्ती मुजीब को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। रम्पुरा चौकी प्रभारी के अनुसार पूछताछ और प्रारंभिक जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई कानून के अनुसार की जाएगी।
सीएम धामी ने लिया सख्त रुख
त्रिशूल चौक पर जुलूस-ए-मोहम्मदी के दौरान दिए गए कथित भड़काऊ भाषण के मामले पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी कड़ा रुख अपनाया है।
चंपावत रवाना होने से पहले खटीमा के लोहियाहेड हेलीपैड पर मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में कानून का राज है और किसी को भी कानून-व्यवस्था को चुनौती देने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्मादी और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाले भाषण देने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रशासन मामले से जुड़े लोगों की पहचान कर रहा है और जिसने भी कानून का उल्लंघन किया होगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।
अतिक्रमण विरोधी अभियान जारी रखने की बात
मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश में अतिक्रमण के खिलाफ चल रहे अभियान को भी जारी रखने की बात कही। उन्होंने दावा किया कि राज्य में अब तक करीब 13 हजार एकड़ भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कानून का राज स्थापित करने और सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है। ![]()
क्षेत्राधिकारी विभव सैनी ने क्या कहा?
क्षेत्राधिकारी विभव सैनी ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के दिशा-निर्देशों के तहत पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया।
उन्होंने कहा कि त्रिशूल चौक पर मौजूद लोगों और पूरे घटनाक्रम से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की गई। इसके साथ ही सीसीटीवी फुटेज की भी गहनता से पड़ताल की गई।
क्षेत्राधिकारी के अनुसार, जांच के बाद आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया गया है। पुलिस मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि को गंभीरता से लिया जाएगा।
