Uttrakhand

हल्द्वानी नगर निगम में क्लर्क भर्ती के नाम पर फर्जी मेरिट लिस्ट वायरल, UKSSSC ने युवाओं को किया आगाह

देहरादून: उत्तराखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाकर धोखाधड़ी की कोशिश का एक नया मामला सामने आया है। हल्द्वानी नगर निगम में क्लर्क और कनिष्ठ सहायक पदों पर भर्ती से संबंधित एक कथित मेरिट सूची सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इतना ही नहीं, सूची में शामिल कुछ अभ्यर्थियों को ईमेल भेजकर चयनित होने और इंटरव्यू के लिए उपस्थित होने की जानकारी भी दी गई।

मामला सामने आने के बाद जब इसकी जानकारी उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) तक पहुंची तो आयोग ने कथित मेरिट सूची और अभ्यर्थियों को भेजे गए ईमेल को पूरी तरह फर्जी करार दिया है। आयोग ने बेरोजगार युवाओं से अपील की है कि वे इस तरह के किसी भी पत्र, मेरिट सूची या ईमेल के बहकावे में न आएं।

 

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11 अभ्यर्थियों के नाम वाली PDF हुई वायरल

जानकारी के अनुसार, हल्द्वानी नगर निगम में क्लर्क और कनिष्ठ सहायक पदों से संबंधित एक पीडीएफ सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर वायरल हो रही है।

इस कथित मेरिट सूची में 11 युवाओं के नाम शामिल किए गए हैं और उन्हें चयनित अभ्यर्थी बताया गया है। दस्तावेज में यह दिखाने की कोशिश की गई है कि उक्त मेरिट सूची उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से तैयार की गई है।

हैरानी की बात यह है कि कथित दस्तावेज में आयोग के सचिव के हस्ताक्षर भी दर्ज होने का दावा किया गया है, जिससे इसे वास्तविक दिखाने की कोशिश की गई।

अभ्यर्थियों को भेजे गए कथित चयन ईमेल

फर्जीवाड़े को विश्वसनीय दिखाने के लिए सूची में शामिल बताए गए अभ्यर्थियों को ईमेल भी भेजे गए।

ईमेल में कथित तौर पर कहा गया कि संबंधित अभ्यर्थी का उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा क्लर्क पद के लिए चयन कर लिया गया है और अब उसे साक्षात्कार के लिए उपस्थित होना है।

इसके साथ ही अभ्यर्थियों से इंटरव्यू के दौरान आवश्यक दस्तावेज साथ लाने के लिए कहा गया। ईमेल में जरूरी दस्तावेजों की सूची भी दी गई थी।

कथित पत्र में अभ्यर्थियों को 29 अगस्त को सुबह 10 बजे नगर निगम हल्द्वानी में साक्षात्कार के लिए उपस्थित होने की जानकारी दी गई थी।

UKSSSC ने कहा- कोई मेरिट सूची जारी नहीं की

जब संबंधित कथित मेरिट सूची और अभ्यर्थियों को भेजे गए ईमेल के संबंध में उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से जानकारी ली गई तो आयोग ने ऐसी किसी भी सूची को जारी करने से साफ इनकार कर दिया।

आयोग के अनुसार, इस तरह के ईमेल उसके द्वारा नहीं भेजे जाते हैं। ऐसे में वायरल हो रही कथित मेरिट सूची और अभ्यर्थियों को भेजे गए ईमेल फर्जी हैं।

आयोग ने युवाओं से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध सूचना पर भरोसा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि जरूर करें।

अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया ने युवाओं को किया सतर्क

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया ने अभ्यर्थियों को ऐसे फर्जी दस्तावेजों और ईमेल से सावधान रहने की अपील की।

उन्होंने कहा कि आयोग की ओर से इस तरह की कोई मेरिट सूची जारी नहीं की गई है।

“अभ्यर्थियों को ऐसे ईमेल या मेरिट सूची से जुड़े पत्रों को लेकर आगाह किया जाता है। आयोग के जरिए इस तरह की कोई भी सूची जारी नहीं हुई है, इसलिए कोई भी अभ्यर्थी ऐसे फर्जी और झूठे कागजों के बहकावे में न आए।”

जीएस मर्तोलिया ने कहा कि यदि किसी अभ्यर्थी को इस प्रकार का संदिग्ध ईमेल प्राप्त होता है या कोई व्यक्ति भर्ती और चयन के नाम पर संपर्क करता है तो इसकी तत्काल शिकायत पुलिस से की जानी चाहिए।

भर्ती और परिणाम पहले ही हो चुके हैं जारी

आयोग ने स्पष्ट किया कि संबंधित कनिष्ठ सहायक पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया पहले ही आयोजित की जा चुकी है और उसका परिणाम भी पूर्व में जारी हो चुका है।

इतना ही नहीं, विभागीय स्तर पर चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति और तैनाती की प्रक्रिया भी काफी पहले शुरू की जा चुकी थी।

ऐसे में वर्तमान में वायरल हो रही किसी नई मेरिट सूची या चयन प्रक्रिया की सूचना पूरी तरह संदिग्ध और भ्रामक है।

युवाओं से सतर्क रहने की अपील

सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं की बड़ी संख्या और रोजगार की बढ़ती प्रतिस्पर्धा का फायदा उठाकर शरारती और धोखेबाज तत्व फर्जी दस्तावेज तैयार कर युवाओं को भ्रमित करने की कोशिश कर सकते हैं।

आयोग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि भर्ती, परीक्षा परिणाम, मेरिट सूची या नियुक्ति से संबंधित किसी भी जानकारी की पुष्टि केवल आधिकारिक माध्यमों से ही करें।

UKSSSC ने स्पष्ट किया है कि हल्द्वानी नगर निगम में क्लर्क पदों के लिए वायरल की जा रही कथित मेरिट सूची और अभ्यर्थियों को भेजे गए ईमेल फर्जी हैं। अभ्यर्थियों को ऐसे संदेशों से सावधान रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की सलाह दी गई है।