महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य के क्षेत्र में महिला शौचालय की बदहाल व्यवस्था पर कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने पूछे सवाल
अल्मोड़ा।
भारत केसरी
सोमेश्वर क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालय की बदहाल व्यवस्था को लेकर सामने आई एक युवती की पीड़ा ने उत्तराखंड में महिला सुविधाओं को लेकर सरकार के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने इस मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा है।

गरिमा दसौनी ने कहा कि अचानक माहवारी आने पर युवती को वॉशरूम की जरूरत पड़ी, लेकिन सार्वजनिक शौचालय में दरवाजा तक उपलब्ध नहीं था। उन्होंने इसे महिलाओं की गरिमा और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ा गंभीर मामला बताया।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब महिला विधायक और महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य की विधानसभा में ही महिलाओं को शौचालय जैसी मूलभूत सुविधा के लिए परेशान होना पड़ रहा है, तो प्रदेश के बाकी हिस्सों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
गरिमा ने कहा कि कुछ माह पहले अल्मोड़ा में एक इजराइली महिला पर्यटक को भी सार्वजनिक महिला शौचालय की समस्या का सामना करना पड़ा था, लेकिन सरकार ने उस घटना से कोई सबक नहीं लिया।
उन्होंने सरकार से प्रमुख बाजारों, बस अड्डों और पर्यटन स्थलों पर सुरक्षित एवं स्वच्छ महिला शौचालय, पानी, दरवाजे, सैनिटरी नैपकिन की सुविधा और नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने की मांग की।
गरिमा मेहरा दसौनी ने कहा कि “महिलाओं की गरिमा कोई सुविधा नहीं, बल्कि उनका अधिकार है।” उन्होंने सरकार से प्रचार और घोषणाओं से आगे बढ़कर जमीन पर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।

