देहरादून अस्पताल अग्निकांड: रेस्क्यू करते-करते खुद बीमार पड़े पुलिसकर्मी
देहरादून में एक निजी अस्पताल में लगी आग के बीच दून पुलिस ने जिस तरह जान जोखिम में डालकर मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला, उसने पुलिस के मानवीय चेहरे को फिर सामने ला दिया। धुएं और गैस रिसाव के बीच आईसीयू में फंसे मरीजों को बचाने के दौरान कई पुलिसकर्मी खुद भी बीमार पड़ गए।
रिस्पना पुल के पास स्थित पेनेशिया अस्पताल में बुधवार को आईसीयू के एसी में ब्लास्ट होने से अचानक आग लग गई। सूचना मिलते ही नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और बिना देर किए रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया। आईसीयू में धुएं और गैस का स्तर लगातार बढ़ रहा था, लेकिन पुलिसकर्मियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना मरीजों को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।

रेस्क्यू के दौरान कुछ मरीजों और पुलिसकर्मियों को ऑक्सीजन की कमी होने लगी, जिसके बाद उन्हें तत्काल कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे में 10 लोग घायल हुए हैं, जबकि पहले से वेंटिलेटर पर भर्ती 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला वीरवती की उपचार के दौरान मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही एसएसपी देहरादून और एसपी सिटी मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य का जायजा लिया। एसएसपी ने अस्पताल पहुंचकर भर्ती पुलिसकर्मियों और मरीजों का हालचाल जाना तथा चिकित्सकों से उपचार की जानकारी ली।
इस दौरान ट्रैफिक पुलिस के उपनिरीक्षक नरेंद्र कुमार, कांस्टेबल बृजमोहन रावत और कांस्टेबल बृजमोहन कनवासी की तबीयत भी रेस्क्यू अभियान के दौरान बिगड़ गई। सभी का अस्पताल में उपचार चल रहा है।
थानाध्यक्ष मनोज नौटियाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने पूरे अभियान को अंजाम दिया। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की तत्परता और बहादुरी की सराहना की।
