चोरगलिया में गरजे सीएम धामी, कांग्रेस पर जाति की राजनीति का आरोप; राहुल गांधी और सलाहकारों पर भी तीखा हमला
हल्द्वानी। चोरगलिया स्थित नंधौरगढ़ पैलेस रिजॉर्ट में भाजपा कुमाऊं मंडल के जिला अध्यक्षों और मंडल अध्यक्षों की महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत की। बैठक में आगामी कार्यक्रमों, संगठन को मजबूत करने और चुनावी तैयारियों को लेकर पदाधिकारियों के साथ मंथन किया गया।
मुख्यमंत्री के पहुंचने पर भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने उनका जोरदार स्वागत किया। बैठक में कुमाऊं मंडल के विभिन्न जिलों के जिला अध्यक्षों और मंडल अध्यक्षों ने संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर चर्चा की।
शुद्धिकरण मामले पर कांग्रेस को घेरा
बैठक से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में चल रहे ‘शुद्धिकरण’ विवाद को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में विभाजनकारी नैरेटिव स्वीकार्य नहीं है।
सीएम धामी ने आरोप लगाया कि हल्द्वानी के रामलीला मैदान में धार्मिक उन्माद फैलाने वाले नारे लगाए गए और वहां गंदगी की गई। इसके विरोध में कुछ स्वयंसेवी संगठनों से जुड़े लोगों द्वारा स्थल का शुद्धिकरण किए जाने की बात कही गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस इस मामले को जाति के चश्मे से देख रही है और जाति का कार्ड खेलकर समाज को बांटने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने हमेशा सभी वर्गों और समुदायों को अपनाया है, इसलिए प्रदेश में जाति या वर्ग के आधार पर विभाजन की राजनीति स्वीकार नहीं की जाएगी।
आंबेडकर, जगजीवन राम और सीताराम केसरी का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए डॉ. भीमराव आंबेडकर, बाबू जगजीवन राम और सीताराम केसरी के साथ कांग्रेस के कथित व्यवहार का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को पहले अपने इतिहास और अपने नेताओं के साथ किए गए व्यवहार पर विचार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भाजपा समाज को जोड़ने की राजनीति में विश्वास करती है, जबकि कांग्रेस लगातार विभाजनकारी मुद्दों को हवा देने का प्रयास कर रही है।
राहुल गांधी पर भी सीएम धामी का निशाना
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की भाषा से उनके मन में चल रही सोच का अंदाजा लगाया जा सकता है।
धामी ने राहुल गांधी के सलाहकारों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उनके सलाहकार उन्हें किस तरह की सलाह दे रहे हैं, यह समझ से परे है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व की राजनीतिक शैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मंच से होने वाली उनकी गतिविधियां और बयान उनकी सोच को दर्शाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता को लेकर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि कांग्रेस की राजनीति उसकी हताशा और निराशा को दर्शाती है।
‘देवभूमि में नहीं चलेगी विभाजन की राजनीति’
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की सामाजिक संरचना हमेशा से आपसी भाईचारे और समरसता पर आधारित रही है। यहां जाति, वर्ग या समुदाय के नाम पर समाज को बांटने की कोशिशों को जनता स्वीकार नहीं करेगी।
उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से भी संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच सरकार की योजनाओं एवं उपलब्धियों को लेकर सक्रियता बढ़ाने का आह्वान किया।
बैठक को आगामी राजनीतिक तैयारियों की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा नेतृत्व ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और आने वाले कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया।
