Uttrakhand

अंकिता भंडारी हत्याकांड: तीनों दोषियों की जमानत फिर खारिज, हनी पाठक ने कहा: मजबूत पैरवी का परिणाम

देहरादून।

भारत केसरी

अंकिता भंडारी हत्याकांड में तीनों दोषियों की जमानत याचिकाएं एक बार फिर खारिज होने के बाद उत्तराखंड की सियासत में मामला फिर चर्चा में है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती हनी पाठक ने जमानत खारिज होने को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार की मजबूत कानूनी पैरवी और प्रभावी अभियोजन का परिणाम बताया है।

हनी पाठक ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड किसी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का विषय नहीं, बल्कि एक बेटी को न्याय दिलाने की लड़ाई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना के सामने आते ही स्पष्ट कर दिया था कि दोषी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे कानून के कठघरे तक पहुंचाया जाएगा और कठोर सजा सुनिश्चित की जाएगी।

Oplus_16908288

 

उन्होंने कहा कि घटना के 24 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया तथा मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया। आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई। जांच के दौरान करीब 500 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट तैयार की गई, जिसमें लगभग 100 गवाहों के बयान और महत्वपूर्ण साक्ष्यों को शामिल किया गया।

 

हनी पाठक के मुताबिक, मजबूत जांच और प्रभावी अभियोजन का परिणाम न्यायालय के फैसले में सामने आया, जिसमें तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। अब जमानत याचिकाएं दोबारा खारिज होना इस बात का संकेत है कि न्यायिक प्रक्रिया के स्तर पर भी आरोपियों को राहत नहीं मिल सकी।

परिवार की मांगों का सरकार ने किया सम्मान

 

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि सरकार ने पूरे मामले में अंकिता के माता-पिता और परिवार की भावनाओं को प्राथमिकता दी। परिजनों की मांग के अनुरूप सरकारी अधिवक्ताओं में बदलाव किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि अंकिता के माता-पिता द्वारा सीबीआई जांच की मांग किए जाने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए सीबीआई जांच के आदेश दिए।

 

उन्होंने कहा कि सरकार ने पीड़ित परिवार को आर्थिक और सामाजिक रूप से भी संबल देने का प्रयास किया। परिवार को ₹25 लाख की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ अंकिता के पिता और भाई को रोजगार भी दिया गया।

 

‘VIP’ मुद्दे पर विपक्ष को हनी पाठक का जवाब

 

तथाकथित ‘VIP’ के मुद्दे पर विपक्ष द्वारा लगातार उठाए जा रहे सवालों पर हनी पाठक ने कहा कि यदि किसी के पास इस संबंध में कोई ठोस तथ्य या साक्ष्य था, तो उसे जांच एजेंसियों और न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि अदालत के बाहर राजनीतिक लाभ के लिए आरोप लगाना और जनता के बीच भ्रम पैदा करना न्याय की लड़ाई को राजनीतिक रंग देने जैसा है।

Oplus_16908288

हनी पाठक ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में सरकार का रिकॉर्ड स्पष्ट है—त्वरित गिरफ्तारी, एसआईटी जांच, विस्तृत चार्जशीट, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई, प्रभावी अभियोजन, परिवार की मांगों का सम्मान तथा आर्थिक और रोजगार संबंधी सहायता।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार ने केवल आश्वासन नहीं दिया, बल्कि कार्रवाई के जरिए अपनी प्रतिबद्धता साबित की है। अंकिता को न्याय दिलाने और दोषियों को कानून के तहत सजा दिलाने की दिशा में सरकार पूरी मजबूती से खड़ी रही है।