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बाल संरक्षण एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाएं अधिकारी: जिलाधिकारी

देहरादून, 17 सितंबर 2026। बाल संरक्षण एवं पुनर्वास से जुड़े मामलों में तेजी लाने के निर्देश जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को दिए हैं। गुरुवार देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी एवं अध्यक्ष जिला बाल संरक्षण इकाई की अध्यक्षता में जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति (DCWPC), बाल कल्याण समिति (CWC), चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 तथा बाल भिक्षावृत्ति निवारण अभियान एवं इंटेंसिव केयर सेंटर, साधुराम इंटर कॉलेज की त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

 

 

बैठक में बाल संरक्षण, पुनर्वास, दत्तक ग्रहण, शिक्षा, स्वास्थ्य, बालश्रम, बाल विवाह और बाल भिक्षावृत्ति उन्मूलन से संबंधित कार्यों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक मामले में बच्चे के सर्वोत्तम हित, सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और पुनर्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने संबंधित विभागों और संस्थाओं को आपसी समन्वय से मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय करने की बात भी कही गई।

CWC में 236 मामले पहुंचे, 120 का निस्तारण

बैठक में बताया गया कि पिछले तीन महीनों में बाल कल्याण समिति के समक्ष कुल 236 प्रकरण प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 120 मामलों का निस्तारण किया जा चुका है। संस्थागत बालगृहों में रह रहे 6 बच्चों को दत्तक ग्रहण के लिए विधिक रूप से मुक्त किया गया है।

वित्तीय वर्ष 2026 में अब तक 5 बच्चों को दत्तक ग्रहण के लिए दिया जा चुका है। वहीं वर्ष 2016 से अब तक देहरादून जिले से कुल 109 बच्चों को देश और विदेश में दत्तक ग्रहण के लिए दिए जाने की जानकारी बैठक में दी गई।

चाइल्ड हेल्पलाइन पर 374 मामले दर्ज

चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की समीक्षा के दौरान बताया गया कि अप्रैल से जून के बीच 200 तथा जुलाई से अब तक 174 प्रकरण प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा बाल विवाह के 2 मामले और बालश्रम से संबंधित 46 प्रकरण सामने आए हैं।

जिलाधिकारी ने पारिवारिक समस्याओं एवं अन्य संवेदनशील मामलों में बच्चों और उनके परिवारों की काउंसलिंग कराने तथा नियमित फॉलोअप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

19 बालगृहों की व्यवस्थाओं की समीक्षा

जिले में संचालित 19 राजकीय एवं स्वैच्छिक बालगृहों की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने बालगृहों में आवास, भोजन, स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा व्यवस्था को निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाए रखने के निर्देश दिए।

समीक्षा अवधि में बालगृहों के 16 निरीक्षण किए गए। संस्थाओं में कार्यरत 156 कार्मिकों में से 138 का पुलिस सत्यापन पूरा हो चुका है। शेष कार्मिकों का सत्यापन भी जल्द कराने के निर्देश दिए गए।

302 बच्चों की दस्तावेजी स्थिति की समीक्षा

बालगृहों में रह रहे 302 बच्चों की दस्तावेजी स्थिति की समीक्षा में बताया गया कि 236 बच्चों के आधार कार्ड, 95 के आयुष्मान कार्ड और 116 बच्चों के राशन कार्ड बनाए जा चुके हैं। वहीं 219 बच्चे विद्यालयों में अध्ययनरत हैं।

जिलाधिकारी ने शेष बच्चों के आवश्यक दस्तावेज प्राथमिकता के आधार पर तैयार कराने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं, शिक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाओं का लाभ मिल सके।

744 बच्चों को किया गया चिन्हित/रेस्क्यू

बाल भिक्षावृत्ति एवं बालश्रम उन्मूलन अभियान की समीक्षा के दौरान बताया गया कि दिसंबर 2024 से अब तक कुल 744 बच्चों को चिन्हित अथवा रेस्क्यू किया गया है। इनमें 111 बाल भिक्षावृत्ति, 173 कूड़ा बीनने वाले, 101 बालश्रम, 307 ड्रॉपआउट तथा 52 अन्य श्रेणी के बच्चे शामिल हैं।

इनमें से 216 बच्चों का विद्यालयों में प्रवेश कराया जा चुका है। जिलाधिकारी ने कहा कि रेस्क्यू के बाद केवल बच्चों को अभियान से निकालना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य, काउंसलिंग और पुनर्वास के लिए प्रभावी फॉलोअप भी सुनिश्चित किया जाए।

मिशन वात्सल्य के तहत समितियों को सक्रिय करने के निर्देश

जिलाधिकारी ने मिशन वात्सल्य के तहत ब्लॉक, ग्राम, नगर निकाय और वार्ड स्तर पर गठित बाल संरक्षण समितियों को सक्रिय करने के निर्देश दिए। उन्होंने उपलब्ध अनटाइड अनुदान की 5 प्रतिशत धनराशि बच्चों के कल्याण एवं सुरक्षा पर नियमानुसार खर्च करने को कहा।

इसके अलावा अनाथ एवं परित्यक्त बच्चों के प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया, अन्य राज्यों के बच्चों को उनके गृह राज्य भेजने तथा बच्चों के अभिलेख अद्यतन रखने की कार्रवाई भी समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए।

बैठक में संयुक्त मजिस्ट्रेट हर्षिता सिंह, जिला बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष नमिता ममगाईं, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमलाल भारती, पुलिस क्षेत्राधिकारी वंदना वर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेंद्र कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।