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एम्स किच्छा में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी, 5 आरोपी गिरफ्तार

ऋषिकेश, 17 सितंबर 2026। निर्माणाधीन एम्स किच्छा में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से ठगी करने के मामले में ऋषिकेश पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने नौकरी दिलाने के नाम पर 3.20 लाख रुपये में सौदा तय किया था। आरोपियों के कब्जे से 2 लाख रुपये नकद और एम्स किच्छा में एमटीएस पद से संबंधित दो संदिग्ध फर्जी नियुक्ति पत्र बरामद किए गए हैं।

पुलिस के मुताबिक, 15 सितंबर को एम्स ऋषिकेश के सुरक्षा विभाग की इंटेलिजेंस टीम ने संस्थान प्रशासन के समन्वय से बैराज रोड पर गोपनीय कार्रवाई की। इस दौरान कुछ संदिग्ध व्यक्तियों को निर्माणाधीन एम्स किच्छा में नौकरी दिलाने के नाम पर 3.20 लाख रुपये के लेन-देन को लेकर बातचीत करते हुए पकड़ा गया।

नौकरी के नाम पर रुपये मांगने की मिल रही थी शिकायत

एम्स ऋषिकेश प्रशासन को लगातार ऐसी सूचनाएं मिल रही थीं कि कुछ लोग निर्माणाधीन एम्स किच्छा में विभिन्न पदों पर नौकरी लगवाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं और अभ्यर्थियों से रुपये मांग रहे हैं। आरोप है कि इस गिरोह द्वारा फर्जी नियुक्ति पत्र भी तैयार किए जा रहे थे।

मामले में एम्स ऋषिकेश के प्रशासनिक अधिकारी विक्रम सिंह की ओर से कोतवाली ऋषिकेश में तहरीर दी गई। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मु0अ0सं0 463/2026 के तहत धारा 318(4), 336(3), 338, 340(2) और 61(2) बीएनएस में मुकदमा दर्ज किया।

पूछताछ में सामने आया रुपये के लेन-देन का नेटवर्क

विवेचना के दौरान पुलिस ने वादी के बयान, गवाहों के कथनों, आरोपियों से पूछताछ और बरामद नियुक्ति संबंधी दस्तावेजों की जांच की। पुलिस के अनुसार जांच में आरोपियों की कथित संलिप्तता के संबंध में साक्ष्य सामने आए।

पूछताछ में आरोपी दीपक गुसाईं ने नौकरी लगवाने के नाम पर विभिन्न लोगों से रुपये लेने और उनमें से 2.40 लाख रुपये शिवा सिंह को देने की बात बताई। वहीं आरोपी सुब्रत बछाड़ ने भी स्वयं और अन्य लोगों की नौकरी लगवाने के लिए रुपये देने तथा संबंधित व्यक्तियों की मुलाकात शिवा सिंह और राजदीप एंटरप्राइज के मैनेजर विनायक से कराने की जानकारी दी। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

पांच आरोपी गिरफ्तार

उपलब्ध साक्ष्यों और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए ऋषिकेश पुलिस ने 17 सितंबर को पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई—

  1. सुब्रत बछाड़, उम्र 33 वर्ष, निवासी निर्मलनगर, थाना सितारगंज, ऊधमसिंह नगर।
  2. दीपांशु मंडल, उम्र 19 वर्ष, निवासी शक्तिफार्म, थाना सितारगंज, ऊधमसिंह नगर।
  3. गणेश, उम्र 19 वर्ष, निवासी उल्धन बिसोटा, थाना नानकमत्ता, ऊधमसिंह नगर।
  4. दीपक गुसाईं, उम्र 33 वर्ष, निवासी मीरा नगर, ऋषिकेश, देहरादून।
  5. दीपना मंडल, उम्र 22 वर्ष, निवासी शक्तिफार्म, थाना सितारगंज, ऊधमसिंह नगर।

2 लाख रुपये और फर्जी नियुक्ति पत्र बरामद

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार यह रकम 500 रुपये के 400 नोटों के रूप में पीले रंग के लिफाफे में रखी गई थी।

इसके अलावा M/s Rajdeep Enterprise के लेटरहेड पर तैयार दो संदिग्ध फर्जी नियुक्ति पत्र भी बरामद हुए हैं। दोनों नियुक्ति पत्र एमटीएस पद से संबंधित बताए गए हैं।

अन्य अभ्यर्थियों और आरोपियों की भूमिका की जांच

पुलिस के अनुसार मामले की जांच अभी जारी है। नौकरी दिलाने के नाम पर अन्य अभ्यर्थियों से रुपये लेने, फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार करने और उपलब्ध कराने, पैसों के लेन-देन तथा इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की गहनता से जांच की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह बिष्ट, उपनिरीक्षक देवेंद्र सिंह, उपनिरीक्षक निखलेश बिष्ट, कांस्टेबल ललित और महिला कांस्टेबल पूजा शामिल रहे।