हरिपुर घाट का लोकार्पण, 25 फीट ऊंची यमुना प्रतिमा का अनावरण; सीएम धामी बोले- आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गौरव का पुनर्जागरण जारी
विकासनगर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को विकासनगर दौरे के दौरान कालसी स्थित हरिपुर घाट का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने हरिपुर में 25 फीट ऊंची मां यमुना की प्रतिमा का भी अनावरण किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक गौरव के पुनर्जागरण का कार्य निरंतर जारी है।
जौनसार-बावर का प्रवेश द्वार है हरिपुर
हरिपुर को जौनसार-बावर क्षेत्र का प्रवेश द्वार माना जाता है। यह क्षेत्र यमुना और टौंस समेत कई सहायक नदियों से जुड़ा हुआ है। यमुना और टौंस नदी के बीच बसा जौनसार-बावर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, विशिष्ट लोक संस्कृति और धार्मिक परंपराओं के लिए जाना जाता है।
श्रद्धालुओं के लिए विकसित हुआ भव्य यमुना घाट
यमुनोत्री से निकलने वाली यमुना नदी का धार्मिक महत्व काफी अधिक है। हरिपुर में भव्य यमुना घाट का निर्माण श्रद्धालुओं के लिए स्नान और धार्मिक गतिविधियों की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया है।
घाट के विकसित होने से हरिपुर को धार्मिक पर्यटन के नए केंद्र के रूप में पहचान मिलने की उम्मीद है। इससे क्षेत्र में आने वाले तीर्थ यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यापार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।

ऐतिहासिक विरासत से समृद्ध है कालसी-हरिपुर क्षेत्र
कालसी और हरिपुर क्षेत्र ऐतिहासिक एवं धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यहां सम्राट अशोक के शिलालेख, गुरु गोबिंद सिंह के बाल्यकाल से जुड़े प्रसंगों से संबंधित स्थल और प्राचीन अश्वमेघ यज्ञ स्थल बताए जाते हैं। क्षेत्र की कई पुरातात्विक धरोहरों की देखरेख भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा की जाती है।
महासू महाराज की आराधना से जुड़ी है क्षेत्र की पहचान
देहरादून जिले का जौनसार-बावर क्षेत्र अपनी अनूठी संस्कृति और धार्मिक मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है। क्षेत्र के आराध्य देव महासू महाराज हैं, जिनका प्रमुख मंदिर हनोल में स्थित है। यहां के लोकपर्व और धार्मिक आयोजन आज भी पारंपरिक संस्कृति की झलक प्रस्तुत करते हैं।
कृषि और बागवानी है ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार
जौनसार-बावर में बड़ी आबादी कृषि, बागवानी और पशुपालन पर निर्भर है। किसान कोदा, झंगोरा, मक्का, जौ, गेहूं और धान सहित विभिन्न पारंपरिक फसलों का उत्पादन करते हैं। इसके अलावा अदरक, टमाटर, अरबी, हरा धनिया, हरी मिर्च, बीन, शिमला मिर्च और लहसुन जैसी नगदी फसलों का भी उत्पादन किया जाता है।
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेब, पुलम, नाशपाती और कीवी की बागवानी भी की जाती है। सहिया क्षेत्र की सब्जी मंडी किसानों के लिए प्रमुख बाजारों में शामिल है। इन दिनों मंडी में अदरक की आवक शुरू हो चुकी है, जिसे दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा और उत्तर प्रदेश समेत अन्य क्षेत्रों में भेजा जाता है।
हरिपुर घाट से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद
यमुना नदी अपने उद्गम स्थल से बहते हुए जौनसार-बावर के मुख्य द्वार हरिपुर से होकर आगे बढ़ती है। क्षेत्र की देव डोलियों को भी मां यमुना के स्नान के लिए हरिपुर घाट लाया जाता है। श्रद्धालु यहां स्नान और धार्मिक अनुष्ठान करते हैं।
हरिपुर तट पर नए घाट के निर्माण से धार्मिक गतिविधियों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ क्षेत्र में तीर्थाटन और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। स्थानीय स्तर पर इससे व्यापार, परिवहन, होटल और अन्य सेवाओं से जुड़े रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि हो सकती है।
