उत्तराखंड में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल : देहरादून DM सविन बंसल समेत कई IAS अधिकारियों के तबादले
देहरादून। भारत केसरी
उत्तराखंड सरकार ने शुक्रवार देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए कई आईएएस और पीसीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। शासन द्वारा जारी दो अलग-अलग तबादला सूचियों में जिलाधिकारियों, सचिवों और विभागीय अधिकारियों के दायित्वों में बदलाव किया गया है। इस फेरबदल को सरकार की प्रशासनिक कसावट और आगामी योजनाओं की तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है।
Transfer list 1 dated 23rd May Transfer list 2 dated 23rd May
सबसे चर्चित तबादला देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल का रहा। सरकार ने सविन बंसल को सचिव नियोजन की जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं उनकी जगह आशीष चौहान को देहरादून का नया जिलाधिकारी बनाया गया है। आशीष चौहान अब तक UCADA और खेल विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
शासन ने सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति आनंद स्वरूप को गढ़वाल मंडल का नया आयुक्त बनाया है। इससे पहले यह जिम्मेदारी विनय शंकर पांडे के पास अतिरिक्त प्रभार के रूप में थी। वहीं विनय शंकर पांडे को नागरिक उड्डयन, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की अहम जिम्मेदारी दी गई है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी और सचिव पशुपालन बीवीआरसी पुरुषोत्तम को सचिव उच्च शिक्षा बनाया गया है। जबकि डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा से उच्च शिक्षा विभाग वापस ले लिया गया है।
आईएएस अधिकारी सोनिका से आयुक्त कर और महानिरीक्षक निबंधन का प्रभार हटाया गया है। वहीं प्रतीक जैन को आयुक्त कर एवं महानिरीक्षक निबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नगर निगम देहरादून में भी बड़ा बदलाव हुआ है। नगर आयुक्त नमामि बंसल को अपर सचिव विद्यालयी शिक्षा बनाया गया है, जबकि आलोक कुमार पांडेय को नया नगर आयुक्त देहरादून नियुक्त किया गया है।
बागेश्वर जिले में भी डीएम बदले गए हैं। अपूर्वा पांडेय को बागेश्वर का नया जिलाधिकारी बनाया गया है। वहीं आकांक्षा कोंडे को महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा और कर्मचारी बीमा योजना की जिम्मेदारी दी गई है।
इसके अलावा संदीप तिवारी को मिशन निदेशक NHM, दीप्ति सिंह को निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण एवं खेल-युवा कल्याण विभाग, संजय कुमार को समाज कल्याण निदेशक हल्द्वानी और अभिषेक रुहेला को PMGSY का मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनाया गया है।
शासन ने सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं। तबादला सूची जारी होने के बाद प्रशासनिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

