महिलाओं की सुरक्षा पर प्रशासन सख्त, 10 से ज्यादा कर्मचारियों वाले हर कार्यालय में बनेगी शिकायत समिति
महिलाओं की सुरक्षा पर प्रशासन सख्त, 10 से ज्यादा कर्मचारियों वाले हर कार्यालय में बनेगी शिकायत समिति
देहरादून: भारत केसरी
महिलाओं के लिए कार्यस्थलों और सार्वजनिक स्थानों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक बनाने के लिए देहरादून जिला प्रशासन अब एक्शन मोड में नजर आ रहा है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने सभी विभागाध्यक्षों के साथ अहम बैठक कर स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।

सीडीओ अभिनव शाह ने कहा कि हर विभाग की जिम्मेदारी है कि महिला कर्मचारियों को सुरक्षित, स्वच्छ और गरिमामय कार्यस्थल उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि तहसील, विकासखंड, ग्राम पंचायत और निकाय स्तर के उन सभी कार्यालयों में जहां 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, वहां तत्काल आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) का गठन किया जाए।
इसके साथ ही कार्यालयों में महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न से बचाव और जागरूकता के लिए बिलबोर्ड लगाए जाएंगे। महिला हेल्पलाइन 181 और आपातकालीन सेवा 112 का व्यापक प्रचार-प्रसार भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

सीडीओ ने महिला कर्मचारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी कार्यालयों के शौचालयों में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन और इंसीनेरेटर लगाने के निर्देश दिए। साथ ही सार्वजनिक स्थलों पर अमृत कक्ष (फीडिंग रूम), स्वच्छ शौचालय और योग कक्ष की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिन सरकारी भवनों में 50 या उससे अधिक महिला कार्मिक कार्यरत हैं, वहां शिशु गृह (क्रेच सेंटर) स्थापित किया जाए ताकि कामकाजी महिलाओं को बेहतर सुविधा मिल सके।

परिवहन, शिक्षा और पर्यटन विभाग को बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, टैक्सी स्टैंड, स्कूल-कॉलेज, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक पार्कों में महिलाओं के लिए जरूरी सुविधाएं प्राथमिकता से उपलब्ध कराने को कहा गया है।
जिला प्रशासन ने सभी विभागों को 30 मई तक अनुपालन रिपोर्ट जमा करने के निर्देश दिए हैं। समय पर अनुपालन नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
