Uttrakhand

रंगायन की ऐक्टिंग पाठशाला का भव्य समापन, जुलाई में होगा साहित्य एवं रंगोत्सव

देहरादून। भारत केसरी

उत्तराखंड की प्रमुख साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था रंगायन एसोसिएशन द्वारा आयोजित दस दिवसीय ऐक्टिंग पाठशाला का भव्य समापन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले कलाकारों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

समापन समारोह के मुख्य अतिथि एआईसीसी सदस्य एवं उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कला और साहित्य समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। कला की कोई जाति, धर्म, भाषा या सीमाएं नहीं होतीं, बल्कि यह लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने का माध्यम है।

उन्होंने रंगायन एसोसिएशन की संस्थापक अध्यक्ष निवेदिता बौनठीयाल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने के बाद भी उनका उत्तराखंड लौटकर युवाओं को अभिनय के गुर सिखाना सराहनीय है। उन्होंने राज्य सरकार और सांस्कृतिक विभाग से ऐसे कलाकारों को प्रोत्साहित करने की भी अपील की।

कार्यक्रम की संयोजिका एवं रंगायन एसोसिएशन की संस्थापक अध्यक्ष निवेदिता बौनठीयाल ने कहा कि उत्तराखंड के नवोदित कलाकारों को मंच और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस पहल की शुरुआत की गई है। उन्होंने बताया कि आगामी 17 और 18 जुलाई को आईआरडीटी ऑडिटोरियम, सर्वे चौक में दो दिवसीय “साहित्य एवं रंगोत्सव” का आयोजन किया जाएगा, जिसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

 

कार्यक्रम में ऋचा रमोला, कुणाल पंवार, रुचि पंवार, गायत्री रावत, शुभम प्रजापति, अमित सेमवाल, रिया जखमोला, अनन्या नेगी, निधि रावत, अमित बहुखंडी, नमन गैरोला, तनिशा डिमरी, प्रभा भंडारी, राहुल सिंह शाह सहित कई प्रशिक्षु कलाकारों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।