फर्जी शस्त्र लाइसेंस रैकेट का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, STF का बड़ा एक्शन
देहरादून। भारत केसरी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “अपराध मुक्त उत्तराखण्ड” विजन को साकार करने की दिशा में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी शस्त्र लाइसेंस रैकेट के मास्टरमाइंड सदानंद शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को रुद्रपुर क्षेत्र से दबोचा गया।
एसटीएफ के अनुसार गिरफ्तार आरोपी सदानंद शर्मा फर्जी और कूटरचित शस्त्र लाइसेंस तैयार कर अवैध कारोबार संचालित कर रहा था। जांच में सामने आया है कि उसके बैंक खाते में इस अवैध कारोबार से करीब 1 करोड़ 70 लाख रुपये का लेनदेन हुआ है।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि काशीपुर में दर्ज मुकदमे की विवेचना के दौरान सदानंद शर्मा की भूमिका सामने आई। आरोपी ने उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर और गाजियाबाद में भी फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाने के मामलों में जेल की सजा काटी है और उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट समेत कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
एसटीएफ की जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने बड़ी संख्या में लोगों के फर्जी शस्त्र लाइसेंस तैयार कराए और उन्हें वैध दिखाने के लिए सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर कर ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कराया। इस नेटवर्क के जरिए उत्तराखंड में कई लोगों को अवैध शस्त्र लाइसेंस उपलब्ध कराए गए।
एसटीएफ ने अब तक इस मामले में तीन मुकदमे दर्ज कर नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। साथ ही 14 अवैध शस्त्र, जिनमें ऑटोमैटिक पम्प एक्शन गन, रायफल, पिस्टल और रिवॉल्वर शामिल हैं, बरामद किए जा चुके हैं। इसके अलावा 355 जिंदा कारतूस और कई फर्जी लाइसेंस भी बरामद हुए हैं।

एसटीएफ ने चेतावनी दी है कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा हैं। ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही आमजन से संदिग्ध शस्त्र लाइसेंसों की सूचना पुलिस को देने की अपील की गई है।
