महिलाओं के मुद्दे पर AAP का धामी सरकार पर हमला, बोली- न सम्मान राशि, न सुरक्षा और न न्याय
देहरादून: उत्तराखंड में महिलाओं के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी (AAP) ने धामी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष उमा गौड़ सिसोदिया ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता कर सरकार पर महिलाओं से किए गए वादे पूरे न करने, महिला सुरक्षा में विफल रहने और चर्चित मामलों में न्याय दिलाने में असफल रहने का आरोप लगाया।

उमा गौड़ सिसोदिया ने कहा कि भाजपा ने विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं को आर्थिक सहायता देने का वादा किया था, लेकिन सरकार बनने के बाद उसे पूरा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच महिलाओं को आर्थिक सहयोग की जरूरत है और राज्य सरकार को तत्काल महिला सम्मान राशि लागू करनी चाहिए।
महिला सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए AAP ने दावा किया कि प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। पार्टी का आरोप है कि कई मामलों में पीड़ितों को समय पर न्याय नहीं मिल पा रहा है और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की आवश्यकता है।
प्रेस वार्ता के दौरान उमा गौड़ सिसोदिया ने अंकिता भंडारी हत्याकांड का भी उल्लेख करते हुए कहा कि घटना के तीन वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं। उन्होंने मामले की CBI जांच, कथित VIP का नाम सार्वजनिक करने और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई पूरी कराने की मांग दोहराई।
AAP ने NEET परीक्षा पेपर लीक से जुड़े मुद्दे को भी उठाया। पार्टी ने आरोप लगाया कि इस मामले से प्रभावित उत्तराखंड की एक छात्रा की मौत के बाद सरकार ने अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखाई। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की।
प्रेस वार्ता में AAP ने राज्य सरकार के सामने चार प्रमुख मांगें रखीं—
- उत्तराखंड में महिलाओं के लिए ₹1,000 प्रतिमाह महिला सम्मान राशि शुरू की जाए।
- अंकिता भंडारी हत्याकांड की CBI जांच कराई जाए और मामले का शीघ्र निस्तारण हो।
- NEET पेपर लीक मामले के दोषियों पर सख्त कार्रवाई करते हुए पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी दी जाए।
- प्रत्येक जिले में महिला सुरक्षा कमांड सेंटर स्थापित किया जाए तथा 112 हेल्पलाइन का रिस्पॉन्स टाइम 10 मिनट सुनिश्चित किया जाए।
फिलहाल, आम आदमी पार्टी के इन आरोपों और मांगों पर राज्य सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

