Uttrakhand

उत्तराखंड में 3,211 आंगनबाड़ी पदों पर जल्द होगी भर्ती, मंत्री रेखा आर्या ने दिए अधिकारियों को निर्देश

देहरादून: उत्तराखंड में आंगनबाड़ी केंद्रों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को जल्द भरा जाएगा। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में 438 आंगनबाड़ी वर्कर और 2,773 आंगनबाड़ी सहायिकाओं के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए।

विधानसभा स्थित सभागार में आयोजित बैठक में मंत्री ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि रिक्त पदों के कारण आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन पर असर पड़ रहा है। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाकर केंद्रों को पूर्ण क्षमता के साथ संचालित किया जाए।

 

बैठक के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत बच्चों का हर महीने नियमित वजन किया जाए, ताकि कुपोषित और अति-कुपोषित बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की पोषण योजनाओं का लाभ दिया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

 

रेखा आर्या ने फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) के माध्यम से वितरित किए जाने वाले टेक होम राशन (THR) की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि पोषाहार वितरण का पूरा डेटा एफआरएस ट्रैकर पर अनिवार्य रूप से अपलोड किया जाए, ताकि राज्य का प्रदर्शन बेहतर रहे और केंद्र सरकार से योजनाओं के लिए पर्याप्त बजट प्राप्त हो सके।

 

 

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बैठक में मंत्री ने कहा कि निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में ड्यूटी के चलते कई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता केंद्रों में नियमित रूप से उपस्थित नहीं हो पा रही हैं। उन्होंने जिला अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्यकर्ता कार्यदिवस में कम से कम एक घंटे के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें और विभागीय कार्यों का भी नियमित रूप से निर्वहन करें।

उन्होंने प्रदेश के सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को निर्देशित किया कि 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के सभी पंजीकृत बच्चों की आभा आईडी और आधार कार्ड एक महीने के भीतर बनवाए जाएं।

मंत्री रेखा आर्या ने अधिकारियों से कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग की सभी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समय पर पहुंचे। उन्होंने चेतावनी दी कि विभागीय कार्यों में लापरवाही या हीला-हवाली बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।