देहरादून महायोजना-2041: आठवें दिन भी उमड़ी जनभागीदारी, ट्रैफिक, पार्किंग और हरित क्षेत्रों पर मिले अहम सुझाव
देहरादून, 15 जुलाई: राजधानी देहरादून के भविष्य की विकास रूपरेखा तय करने वाली देहरादून महायोजना-2041 को जनआकांक्षाओं के अनुरूप बनाने के लिए मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) का जनसंवाद अभियान लगातार गति पकड़ रहा है। अभियान के आठवें दिन लीची बाग, 4 न्यू कैंट रोड, दिलाराम चौक में आयोजित जनसुनवाई शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, भू-स्वामियों, व्यापारिक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराईं।

सड़क, ट्रैफिक और हरित क्षेत्रों पर जोर
जनसुनवाई के दौरान नागरिकों ने बढ़ते ट्रैफिक जाम, पार्किंग संकट, सड़क चौड़ीकरण, जलभराव, ड्रेनेज सिस्टम, सार्वजनिक परिवहन और हरित क्षेत्रों के संरक्षण जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। कई लोगों ने पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए सुरक्षित मार्ग विकसित करने तथा शहरीकरण के बीच पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
भू-स्वामियों और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भूमि उपयोग, विकास नियंत्रण नियमों और स्थानीय आवश्यकताओं से जुड़े सुझाव भी प्राधिकरण के समक्ष रखे। एमडीडीए की तकनीकी टीम ने सभी सुझावों और आपत्तियों का विधिवत अभिलेखीकरण किया।
संतुलित और टिकाऊ विकास पर फोकस
एमडीडीए अधिकारियों ने बताया कि महायोजना-2041 का उद्देश्य केवल भूमि उपयोग तय करना नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए देहरादून के संतुलित, व्यवस्थित और सतत विकास का रोडमैप तैयार करना है। योजना में आवासीय, व्यावसायिक, संस्थागत, औद्योगिक क्षेत्रों के साथ पर्यावरण संरक्षण, परिवहन व्यवस्था और आधारभूत सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
21 जुलाई तक जारी रहेगा जनसंवाद अभियान
एमडीडीए का विशेष जनसुनवाई अभियान 21 जुलाई तक शहर के विभिन्न सेक्टरों में जारी रहेगा। प्राधिकरण ने नागरिकों, व्यापारिक संगठनों, संस्थाओं और भू-स्वामियों से अधिक से अधिक संख्या में जनसुनवाई शिविरों में भाग लेकर अपने सुझाव देने की अपील की है।
“जनभागीदारी से बनेगा भविष्य का देहरादून”
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून महायोजना-2041 केवल एक तकनीकी दस्तावेज नहीं, बल्कि शहर के भविष्य की विकास दृष्टि है। उन्होंने कहा कि नागरिकों से मिल रहे सुझाव योजना को अधिक प्रभावी और जनहितकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
वहीं, एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक सुझाव और आपत्ति का तकनीकी एवं विधिक परीक्षण किया जाएगा। उनका उद्देश्य ऐसी महायोजना तैयार करना है, जो विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करते हुए भविष्य की जरूरतों को पूरा कर सके।
