फर्जी सिम और साइबर ठगी पर बड़ा एक्शन, उत्तराखंड पुलिस-DoT ने बनाई संयुक्त रणनीति
देहरादून | 30 जुलाई 2026
भारत केसरी
उत्तराखंड में बढ़ते साइबर अपराधों और फर्जी सिम कार्ड के जरिए होने वाली ठगी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए उत्तराखंड पुलिस और भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) ने संयुक्त रणनीति तैयार की है। इसी उद्देश्य से अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) वी. मुरुगेशन की अध्यक्षता में समन्वय बैठक आयोजित की गई, जिसमें एसटीएफ, साइबर पुलिस और दूरसंचार विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में साइबर अपराधों के बदलते स्वरूप, फर्जी एवं अनियमित सिम एक्टिवेशन पर नियंत्रण, तकनीकी समन्वय, सूचना के त्वरित आदान-प्रदान और संयुक्त प्रवर्तन (Joint Enforcement) को मजबूत बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही नागरिकों को साइबर ठगी से सुरक्षित रखने के लिए विभिन्न तकनीकी और नीतिगत उपायों पर सहमति बनी।
बैठक में Sanchar Saathi Portal की उपयोगिता पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि TAF-COP के माध्यम से नागरिक अपने नाम पर जारी सभी मोबाइल कनेक्शनों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और किसी भी अनधिकृत या फर्जी सिम की शिकायत कर उसे बंद कराने का अनुरोध कर सकते हैं।
वहीं CEIR (Central Equipment Identity Register) के जरिए खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक करने, ट्रैक करने तथा बरामद होने पर दोबारा अनब्लॉक कराने की सुविधा उपलब्ध है।
इसके अलावा Chakshu (चक्षु) प्लेटफॉर्म पर फर्जी KYC, बैंक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, बिजली बिल, निवेश, लॉटरी, पार्सल, डिजिटल अरेस्ट, संदिग्ध कॉल, SMS, WhatsApp संदेश और अन्य साइबर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि राज्यभर में Sanchar Saathi, TAF-COP और CEIR पोर्टलों के बारे में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक नागरिक इन सुविधाओं का लाभ उठाकर साइबर अपराधों से सुरक्षित रह सकें।
बैठक के अंत में अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) वी. मुरुगेशन ने निर्देश दिए कि संचार साथी पोर्टल का राज्यव्यापी प्रचार-प्रसार किया जाए और लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएं।
