PM गरीब कल्याण अन्न योजना पर राज्यसभा में डॉ. नरेश बंसल का सवाल, उत्तराखंड को मिला बड़ा लाभ
देहरादून।
भारत केसरी
भाजपा के राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ. नरेश बंसल ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत अपात्र लाभार्थियों की पहचान और उन्हें हटाने की प्रक्रिया को लेकर राज्यसभा में प्रश्न उठाया। उन्होंने कहा कि यह योजना उत्तराखंड समेत पूरे देश के गरीब परिवारों के लिए संजीवनी साबित हुई है।

सरकार की ओर से दिए गए जवाब के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में उत्तराखंड को प्रतिवर्ष 401.459 हजार टन खाद्यान्न आवंटित किया गया है। वहीं, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत खाद्यान्न परिवहन और उचित दर विक्रेताओं के मार्जिन के लिए करीब 250 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता भी राज्य को उपलब्ध कराई गई।
सरकार ने बताया कि राइटफुल टारगेटिंग अभ्यास के तहत उत्तराखंड में लगभग 8.5 लाख लाभार्थियों का सत्यापन किया गया, जिनमें से 80,355 अपात्र लाभार्थियों के नाम राशन कार्ड सूची से हटाए गए। देशभर में करीब 60 लाख लाभार्थियों का सत्यापन किया गया और 23.5 लाख अपात्र लाभार्थियों को सूची से बाहर किया गया।
सरकार के अनुसार, निर्मल रियल-टाइम सत्यापन आर्किटेक्चर के तहत राशन कार्ड डाटाबेस को आयकर, जीएसटी, पीएफएमएस, वाहन डाटाबेस, ईपीएफओ, कृषि, गृह, रक्षा, रेल और डाक विभाग समेत विभिन्न केंद्रीय डाटाबेस से जोड़ा गया है। इससे स्वचालित सत्यापन और क्रॉस-वैलिडेशन के जरिए अपात्र लाभार्थियों की लगातार पहचान हो रही है।
डॉ. बंसल ने कहा कि इस व्यवस्था से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में पारदर्शिता बढ़ी है और यह सुनिश्चित हो रहा है कि सरकारी खाद्यान्न का लाभ केवल वास्तविक पात्र परिवारों तक ही पहुंचे।

