Uttrakhand

उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण का दूसरा चरण शुरू, ड्राफ्ट मतदाता सूची में 71.33 लाख मतदाता शामिल

देहरादून।

भारत केसरी

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम का दूसरा चरण शुरू हो गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान की जानकारी अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में दी।

उन्होंने बताया कि प्रथम चरण पूरा होने के बाद प्रदेश की ड्राफ्ट मतदाता सूची में 71,33,785 मतदाताओं के नाम शामिल किए गए हैं। सभी मतदाताओं से अपील की गई है कि वे ड्राफ्ट सूची में अपना नाम और अन्य विवरण अवश्य जांच लें। ड्राफ्ट मतदाता सूची सीईओ कार्यालय की वेबसाइट, जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO), निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) और बूथ लेवल अधिकारी (BLO) के पास उपलब्ध है।

 

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जिन मतदाताओं की जानकारी में त्रुटि पाई गई है या जिन्होंने एसआईआर से संबंधित आवश्यक विवरण नहीं भरा है, उन्हें बीएलओ के माध्यम से नोटिस जारी किए जा रहे हैं। नोटिस मिलने के बाद संबंधित मतदाता को जवाब देने के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा।

 

उन्होंने बताया कि नोटिसों की सुनवाई के लिए सभी विधानसभा क्षेत्रों में एईआरओ और ईआरओ की व्यवस्था की गई है। बीएलओ दस्तावेजों का सत्यापन कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगे। वहीं मैदानी क्षेत्रों में मतदाताओं की सुविधा के लिए बूथ या उसके निकट विशेष शिविर भी लगाए जाएंगे।

डॉ. जोगदंडे ने बताया कि 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 के माध्यम से दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं। 14 जुलाई से 11 सितंबर 2026 तक इनका निस्तारण किया जाएगा। यदि कोई मतदाता ईआरओ के निर्णय से असंतुष्ट होता है तो वह दो सप्ताह के भीतर जिलाधिकारी के समक्ष अपील कर सकता है। जिलाधिकारी के निर्णय से भी असंतुष्ट होने पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत अपील की जा सकती है।

 

उन्होंने बताया कि जिन पात्र नागरिकों का नाम अभी तक मतदाता सूची में शामिल नहीं है, वे फॉर्म-6 भरकर ऑफलाइन अपने बीएलओ के माध्यम से या ऑनलाइन ECI-Net ऐप के जरिए आवेदन कर सकते हैं। वहीं फॉर्म-7 से नाम हटाने और फॉर्म-8 से नाम या विवरण में संशोधन कराया जा सकता है। वर्तमान में फॉर्म-6 और फॉर्म-8 के साथ एनेक्सचर-4 भरना अनिवार्य किया गया है।

 

मुख्य बातें:

 

71,33,785 मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल।

13 अगस्त 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर।

11 सितंबर 2026 तक सभी दावे-आपत्तियों का निस्तारण।

फॉर्म-6, 7 और 8 के माध्यम से नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की सुविधा।

फॉर्म-6 और 8 के साथ एनेक्सचर-4 अनिवार्य।