DEHRADUN

माणा गांव की विवादित मूर्तियों को लेकर भैरव सेना का प्रदर्शन, उग्र आंदोलन की चेतावनी

देहरादून |

भारत केसरी

उत्तराखंड के माणा गांव में स्थापित कुछ विवादित मूर्तियों को हटाने की मांग को लेकर शुक्रवार को भैरव सेना संगठन ने देहरादून के लैंसडाउन चौक पर प्रदर्शन किया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए पुतला दहन किया और शासन-प्रशासन से विवादित मूर्तियों को जल्द हटाने की मांग की। प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष अनिल कुमार ने की।

संगठन का आरोप है कि वर्ष 2022 में बदरीनाथ धाम क्षेत्र के माणा गांव में देवी-देवताओं के साथ कुछ दिवंगत व्यक्तियों की मूर्तियां स्थापित की गईं, जो सनातन परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं के विपरीत हैं। भैरव सेना का कहना है कि इस मुद्दे को लेकर वह पिछले कई वर्षों से आंदोलन कर रही है।

भैरव सेना के केंद्रीय सचिव संजय पवार ने आरोप लगाया कि वर्ष 2024 में संगठन के कार्यकर्ताओं को माणा गांव जाने से रोका गया था। उन्होंने दावा किया कि बाद में हुई जांच में संगठन द्वारा उठाए गए मुद्दों की पुष्टि हुई, लेकिन अब तक विवादित मूर्तियां नहीं हटाई गई हैं।

 

संगठन ने चेतावनी दी कि यदि तय समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो वह दोबारा व्यापक आंदोलन शुरू करेगा। साथ ही संगठन ने मांग की कि यदि वर्तमान स्थिति बरकरार रहती है तो उत्तराखंड की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विभूतियों की मूर्तियां भी वहां स्थापित की जाएं।

 

कार्यक्रम में केंद्रीय सचिव संजय पवार, युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मयंक मलिठा, गणेश जोशी, अनु राजपूत, अमन राजपूत, गौरी कोठियाल, सुनीता थापा, गीता बिष्ट, कल्पना भंडारी, अनिल गुप्ता सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।