एमडीडीए को मिलेगा नया शुभंकर, जनता चुनेगी नई पहचान; विजेता को ₹50 हजार का इनाम
देहरादून, 2 अगस्त 2026: मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अपनी नई और विशिष्ट पहचान विकसित करने के लिए पहली बार “मैस्कॉट डिज़ाइन एवं स्लोगन प्रतियोगिता-2026” आयोजित करने की घोषणा की है। प्रतियोगिता 3 अगस्त से 16 अगस्त 2026 तक आयोजित होगी, जिसमें विजेता प्रतिभागियों को ₹50 हजार तक का पुरस्कार दिया जाएगा।

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने बताया कि इस प्रतियोगिता का उद्देश्य ऐसा मौलिक और रचनात्मक मैस्कॉट (शुभंकर) तैयार करना है, जो प्राधिकरण के विकास कार्यों, नागरिक सहभागिता, जनजागरूकता और जनशिक्षा अभियानों का प्रभावी प्रतीक बन सके। प्रतिभागियों को मैस्कॉट के साथ एमडीडीए के लिए एक आकर्षक और सार्थक स्लोगन भी प्रस्तुत करना होगा।
ऑनलाइन भेजनी होंगी प्रविष्टियां
प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को अपनी प्रविष्टियां JPEG, PNG या PDF प्रारूप में ऑनलाइन जमा करनी होंगी। इसके साथ डिज़ाइन की अवधारणा, पात्र का परिचय और स्लोगन के औचित्य से संबंधित एक संक्षिप्त कॉन्सेप्ट नोट भी देना अनिवार्य होगा।
एमडीडीए के अनुसार प्रविष्टियों का मूल्यांकन रचनात्मकता, मौलिकता, सार्वभौमिक आकर्षण और विभिन्न माध्यमों में उपयोग की क्षमता के आधार पर किया जाएगा।
एआई से बने डिज़ाइन नहीं होंगे स्वीकार
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की सहायता से तैयार किए गए डिज़ाइन प्रतियोगिता के लिए मान्य नहीं होंगे। केवल प्रतिभागियों द्वारा स्वयं तैयार किए गए मौलिक डिज़ाइन ही स्वीकार किए जाएंगे।
पुरस्कार राशि
मैस्कॉट डिज़ाइन प्रतियोगिता के लिए पुरस्कार इस प्रकार निर्धारित किए गए हैं—
- प्रथम पुरस्कार: ₹50,000
- द्वितीय पुरस्कार: ₹30,000
- तृतीय पुरस्कार: ₹15,000
इसके अलावा सर्वश्रेष्ठ स्लोगन/टैगलाइन के लिए ₹10,000 का अलग पुरस्कार दिया जाएगा।
जनभागीदारी से बनेगी नई पहचान
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने विद्यार्थियों, कलाकारों, डिज़ाइनरों, रचनात्मक युवाओं और आम नागरिकों से प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि यह पहल जनसहभागिता के माध्यम से एमडीडीए की ऐसी पहचान विकसित करेगी, जो देहरादून के विकास, नवाचार और नागरिकों की आकांक्षाओं को प्रभावी ढंग से अभिव्यक्त कर सके।

वहीं, एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने शिक्षण संस्थानों, मीडिया और सामाजिक संगठनों से प्रतियोगिता का व्यापक प्रचार-प्रसार करने की अपील की। प्रतियोगिता से संबंधित पंजीकरण और विस्तृत दिशा-निर्देश क्यूआर कोड के माध्यम से उपलब्ध कराए गए हैं।

