लखपति दीदी’ मिशन को देहरादून नगर निगम का सहारा, 47 महिला स्वयं सहायता समूहों को मिले लाखों के यूजर चार्ज चेक
देहरादून।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में नगर निगम देहरादून ने बड़ा कदम उठाते हुए भारत सरकार और उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी ‘लखपति दीदी’ योजना को नई गति दी है। नगर निगम ने शहर के विभिन्न वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण का कार्य कर रहे 47 स्वयं सहायता समूहों (SHG) को उपयोगकर्ता शुल्क (यूजर चार्ज) से प्राप्त धनराशि के चेक वितरित किए।

कार्यक्रम में महापौर सौरभ थपलियाल और नगर आयुक्त आलोक कुमार पाण्डेय ने महिलाओं को चेक सौंपते हुए कहा कि नगर निगम स्वच्छता अभियान के साथ महिला सशक्तिकरण को भी समान प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह न केवल शहर को स्वच्छ बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं, बल्कि सैकड़ों परिवारों की आजीविका का भी मजबूत आधार बन चुके हैं।
महापौर सौरभ थपलियाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। ‘लखपति दीदी’ अभियान का उद्देश्य महिलाओं की आय बढ़ाकर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है, जिसे नगर निगम देहरादून धरातल पर सफलतापूर्वक लागू कर रहा है।
नगर आयुक्त आलोक कुमार पाण्डेय ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में महिलाओं को रोजगार और आजीविका से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उपयोगकर्ता शुल्क की राशि पूरी पारदर्शिता के साथ स्वयं सहायता समूहों को वितरित की जा रही है, जिससे उनकी आय में लगातार वृद्धि हो रही है।
नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 1 करोड़ 97 लाख 20 हजार 518 रुपये का उपयोगकर्ता शुल्क संग्रहित किया गया। इसमें जुलाई-सितंबर 2025 में 64.19 लाख, अक्टूबर-दिसंबर 2025 में 51.38 लाख और जनवरी-मार्च 2026 में 81.62 लाख रुपये का संग्रह हुआ।
चौथी तिमाही में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले समूहों में वार्ड-98 का ‘आदर्श’ स्वयं सहायता समूह 5.83 लाख रुपये के संग्रहण के साथ पहले स्थान पर रहा। वार्ड-4 का ‘अपेक्षा’ समूह 3.59 लाख रुपये के साथ दूसरे और वार्ड-64 का ‘कात्यायनी आजीविका’ समूह 3.30 लाख रुपये के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
लाभार्थी महिलाओं ने नगर निगम और सरकार का आभार जताते हुए कहा कि यह राशि उनके समूहों की गतिविधियों के विस्तार और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मददगार साबित होगी।

