रजत जयंती पर ‘घनक’ ने बिखेरी सुरों की मिठास, सदाबहार नगमों और उत्तराखंड की लोकधुनों से सजी संगीत की शाम
देहरादून। संगीत जब दिल से निकलता है तो सीधे दिल तक पहुंचता है। सुर, ताल और शब्दों के इसी जादू से सर्वे चौक स्थित आरआरडीटीओ ऑडिटोरियम शनिवार की शाम सराबोर नजर आया। यहां संगीत और सांस्कृतिक आयोजनों के क्षेत्र में पिछले 25 वर्षों से सक्रिय रवि म्यूजिकल ग्रुप की रजत जयंती के अवसर पर भव्य संगीतमय कार्यक्रम ‘घनक’ का आयोजन किया गया।

सदाबहार हिंदी फिल्मी गीतों, भावपूर्ण नगमों और उत्तराखंड की लोकधुनों से सजी इस संगीत संध्या ने दर्शकों को संगीत की उस दुनिया में पहुंचा दिया, जहां पुरानी यादें, भावनाएं और मधुर धुनें एक साथ जीवंत होती नजर आईं। कार्यक्रम के दौरान कभी रोमांटिक गीतों ने माहौल को भावुक किया तो कभी जोशीली धुनों पर दर्शक तालियां बजाते और झूमते दिखाई दिए।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री खजान दास और कैंट विधायक सविता कपूर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। दीप प्रज्ज्वलन के साथ ही सभागार में संगीत की स्वर लहरियां गूंजने लगीं और कलाकारों ने एक के बाद एक शानदार प्रस्तुतियां देकर माहौल को संगीतमय बना दिया।
कार्यक्रम में मौजूद संगीत प्रेमियों के लिए यह शाम केवल मनोरंजन का अवसर नहीं रही, बल्कि पुराने दौर के लोकप्रिय गीतों और उत्तराखंड की लोक संस्कृति से जुड़ने का भी माध्यम बनी।
‘संगीत केवल मनोरंजन नहीं, भावनाओं की भाषा’
मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री खजान दास ने कहा कि संगीत मनुष्य के जीवन का अभिन्न हिस्सा है। अच्छे गीत केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहते, बल्कि समाज, रिश्तों, प्रेम, संघर्ष और जीवन के अलग-अलग रंगों को अभिव्यक्त करने का माध्यम बनते हैं।
उन्होंने कहा कि कुछ गीत ऐसे होते हैं, जो समय बीतने के साथ पुराने नहीं पड़ते, बल्कि हर पीढ़ी के साथ उनकी लोकप्रियता और बढ़ती जाती है। संगीत में लोगों को जोड़ने की अद्भुत क्षमता है और प्रेम, शांति, सामाजिक सरोकार तथा व्यक्तिगत संघर्ष जैसे विषयों को गीतों के माध्यम से जिस प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाता है, वह सीधे श्रोताओं के हृदय को छूता है।
उन्होंने रवि म्यूजिकल ग्रुप के 25 वर्षों के सफर की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन संगीत और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
‘प्यार दीवाना होता है’ ने जीता दर्शकों का दिल
‘घनक’ कार्यक्रम में हिंदी सिनेमा के कई सदाबहार गीतों की शानदार प्रस्तुतियां दी गईं। जैसे ही कलाकारों ने लोकप्रिय गीतों की धुन छेड़ी, सभागार में बैठे दर्शक झूम उठे।
कार्यक्रम की विशेष प्रस्तुति ‘प्यार दीवाना होता है’ रही। कलाकार गुरविंदर सिंह ने अपनी मधुर आवाज में इस लोकप्रिय गीत को प्रस्तुत किया तो पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उनकी गायकी पर दर्शकों ने जमकर उत्साह दिखाया।
गीत की लोकप्रिय धुन और भावपूर्ण प्रस्तुति ने संगीत प्रेमियों को भाव-विभोर कर दिया। कई दर्शक गीत के साथ गुनगुनाते भी नजर आए।
महान गायकों और संगीतकारों को संगीतमय श्रद्धांजलि
कार्यक्रम में प्रस्तुत गीतों के माध्यम से भारतीय संगीत जगत के महान गायकों और संगीतकारों को संगीतमय श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई।
पुराने दौर के लोकप्रिय गीतों को नए अंदाज में पेश करते हुए कलाकारों ने यह संदेश दिया कि अच्छे संगीत की उम्र कभी समाप्त नहीं होती। समय बदलता है, पीढ़ियां बदलती हैं, लेकिन दिल को छू लेने वाली धुनें हमेशा लोगों की स्मृतियों में जीवित रहती हैं।
यही वजह रही कि ‘घनक’ में नई पीढ़ी के साथ-साथ पुराने गीतों के प्रशंसक भी पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम का आनंद लेते नजर आए।
गढ़वाली-कुमाऊंनी लोकधुनों ने बढ़ाई शाम की खूबसूरती
कार्यक्रम की खासियत केवल हिंदी फिल्मी गीत ही नहीं रहे। इसमें उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति की झलक भी देखने को मिली।
कलाकारों ने गढ़वाली और कुमाऊंनी गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का मन मोह लिया। पहाड़ की मिट्टी और लोकजीवन से जुड़ी धुनों ने सभागार में मौजूद लोगों को अपनी जड़ों और संस्कृति से जोड़ दिया।
लोकगीतों की प्रस्तुति के दौरान दर्शकों ने तालियों के साथ कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। इससे कार्यक्रम केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उत्तराखंड की लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को मंच देने वाला आयोजन भी बन गया।
25 वर्षों की संगीत साधना का जश्न
रवि म्यूजिकल ग्रुप की रजत जयंती का यह आयोजन केवल एक संगीत कार्यक्रम नहीं था, बल्कि पिछले 25 वर्षों की निरंतर संगीत साधना और सांस्कृतिक यात्रा का उत्सव रहा।
ग्रुप ने उत्तराखंड के साथ देश के विभिन्न राज्यों में संगीत, सांस्कृतिक और मनोरंजक कार्यक्रमों का आयोजन कर अपनी अलग पहचान बनाई है। इन वर्षों में ग्रुप ने विभिन्न कलाकारों को मंच उपलब्ध कराने के साथ-साथ संगीत प्रेमियों को मनोरंजन और संस्कृति से जोड़ने का काम किया।
‘घनक’ के माध्यम से इसी लंबी यात्रा को याद किया गया और संगीत की दुनिया से जुड़े कलाकारों, सहयोगियों तथा शुभचिंतकों के योगदान को भी सम्मान दिया गया।
कलाकारों की प्रस्तुतियों ने बांधे रखा दर्शकों को
कार्यक्रम में रवि, गुरविंदर सिंह, यावनिका, विजय शाह, राजू अरोड़ा, पवन, राजेंद्र थापा, साहिल, सिद्धू और लकी सहित अनेक कलाकारों ने प्रस्तुतियां दीं।
कलाकारों ने अपनी गायकी और मंचीय प्रस्तुति से दर्शकों को पूरे कार्यक्रम के दौरान बांधे रखा। कहीं रोमांटिक गीतों ने माहौल को भावुक बनाया तो कहीं जोशीली धुनों ने दर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया।
वहीं लोकगीतों की प्रस्तुतियों ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक रंगत को मंच पर जीवंत कर दिया। अलग-अलग सुरों, धुनों और भावनाओं से सजी इस शाम में दर्शकों को संगीत की विभिन्न विधाओं का अनुभव मिला।
गणमान्य अतिथियों की रही मौजूदगी
रवि म्यूजिकल ग्रुप के रजत जयंती समारोह में देहरादून के मेयर सौरभ थपलियाल, कैंट विधायक सविता कपूर, पूर्व मेयर सुनील उनियाल ‘गामा’, जनरल ए.के. बक्शी, धीरेंद्र पंवार, राज्य मंत्री डी.एस. मान, सतीश शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
अतिथियों ने रवि म्यूजिकल ग्रुप की 25 वर्षों की संगीत यात्रा की सराहना की और भविष्य में भी संगीत एवं संस्कृति को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रम आयोजित करने के लिए शुभकामनाएं दीं।
यादों में बस गई ‘घनक’ की शाम
कार्यक्रम जैसे-जैसे आगे बढ़ता गया, संगीत का रंग और गहराता गया। पुराने नगमों ने श्रोताओं को उनकी पुरानी यादों से जोड़ा, जबकि उत्तराखंड की लोकधुनों ने अपनी संस्कृति और पहाड़ी विरासत का एहसास कराया।
कलाकारों की प्रस्तुतियों पर लगातार बजती तालियों ने यह साबित किया कि संगीत की कोई उम्र नहीं होती। सच्ची धुनें समय की सीमाओं से परे होती हैं और पीढ़ियां बदलने के बावजूद लोगों के दिलों में जीवित रहती हैं।
रवि म्यूजिकल ग्रुप की रजत जयंती पर आयोजित ‘घनक’ संगीत संध्या ने देहरादून के सांस्कृतिक आयोजनों में अपनी खास छाप छोड़ी। कार्यक्रम ने जहां ग्रुप की 25 वर्षों की यात्रा को यादगार बनाया, वहीं संगीत और संस्कृति की इस यात्रा को आने वाले वर्षों में भी जारी रखने का संकल्प मजबूत किया।

