नंदा की चौकी पुल मामले में बड़ी कार्रवाई, ठेकेदार का पंजीकरण तत्काल प्रभाव से निरस्त
नंदा की चौकी पुल मामले में बड़ी कार्रवाई, ठेकेदार का पंजीकरण तत्काल प्रभाव से निरस्त
16 करोड़ के टोंस नदी पुल की एप्रोच रोड धंसने के बाद PWD का एक्शन, जांच में सामने आई Heavy Scouring की बात
देहरादून। भारत केसरी
नंदा की चौकी स्थित टोंस नदी पर नवनिर्मित पुल की एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त होने के मामले में लोक निर्माण विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभागीय कार्यालय ज्ञाप के मुताबिक पुल के निर्माण से जुड़ी मैसर्स हिमालयन कंस्ट्रक्शन, 250 सारथी विहार, देहरादून का पंजीकरण तत्काल प्रभाव से निलंबित/निरस्त करते हुए उसे आगामी आदेश तक उत्तराखंड लोक निर्माण विभाग की निविदा प्रक्रिया में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

28 जुलाई को भारी बारिश और Flash Flood के बाद टोंस नदी में तेज बहाव के चलते पुल की एप्रोच रोड को नुकसान पहुंचा था। विभाग की प्रारंभिक जांच में एप्रोच रोड के क्षतिग्रस्त होने का प्रमुख कारण Heavy Scouring बताया गया है। जांच में यह भी सामने आया कि मौके पर Scour Depth का Assessment नहीं हो पाया था।
विभाग ने अब Ground Penetration Radar (GPR) और Electrical Resistivity Test (ERT) के जरिए Scour Depth का आकलन कराने की जरूरत बताई है। इसके बाद आगे की तकनीकी कार्रवाई की जाएगी।
ठेकेदार पर तत्काल प्रभाव से रोक
मुख्य अभियंता की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर मैसर्स हिमालयन कंस्ट्रक्शन का पंजीकरण तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की कार्रवाई की गई है। साथ ही अग्रिम आदेश तक फर्म को लोक निर्माण विभाग, उत्तराखंड की निविदा प्रक्रिया में भाग लेने से प्रतिबंधित किया गया है।
गौरतलब है कि यह मामला देहरादून-हरबर्टपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-72 (07) पर टोंस नदी के ऊपर बने पुल से जुड़ा है। पुल के निर्माण की लागत करीब 16 करोड़ रुपये बताई गई थी और जनता के लिए खोले जाने के कुछ ही समय बाद भारी बारिश में इसकी एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त हो गई थी।
वहीं, मामले में तीन अभियंताओं पर भी निलंबन की कार्रवाई की जा चुकी है, जिससे नंदा की चौकी पुल प्रकरण में विभागीय कार्रवाई और तेज होती दिखाई दे रही है।

