मसूरी में मेडिकल स्टोरों पर संयुक्त औचक निरीक्षण, तीन प्रतिष्ठानों में दवा बिक्री पर रोक
देहरादून, 11 अगस्त 2026। आमजन को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध कराने तथा मेडिकल स्टोरों में औषधि बिक्री से जुड़े वैधानिक प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के लिए मंगलवार को मसूरी क्षेत्र में मेडिकल स्टोरों का संयुक्त औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कई प्रतिष्ठानों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। कार्रवाई करते हुए तीन मेडिकल स्टोरों में दवाओं के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी गई।

यह संयुक्त निरीक्षण उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून के निर्देशों पर ‘सेफ ड्रग्स-सेफ लाइफ’ अभियान के तहत किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून की सचिव सीमा डुंगराकोटी के नेतृत्व में टीम ने मेडिकल स्टोरों में औषधियों के रखरखाव, लाइसेंस, फार्मासिस्ट की उपलब्धता, अभिलेखों, एक्सपायर दवाओं के निस्तारण, नारकोटिक्स दवाओं के रिकॉर्ड, फ्रिज एवं तापमान व्यवस्था तथा सीसीटीवी सहित अन्य व्यवस्थाओं की जांच की।
हैमर्स मेडिकोज में गंभीर खामियां
हैमर्स मेडिकोज में निरीक्षण के दौरान फार्मासिस्ट अनुपस्थित मिला। एक्सपायर दवाइयां अन्य दवाओं के साथ रखी हुई मिलीं। मेडिकल स्टोर में दवाओं के अलावा दैनिक उपभोग की विभिन्न वस्तुएं भी बिक्री के लिए रखी गई थीं।
इसके अलावा स्टोर में सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था नहीं मिली और रैक की साफ-सफाई भी संतोषजनक नहीं थी। इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए टीम ने तत्काल दवाओं के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी। संचालक को नोटिस का जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
पायनियर मेडिकल स्टोर को दिए आवश्यक निर्देश
पायनियर मेडिकल स्टोर में फार्मासिस्ट और स्टोर मालिक दोनों उपस्थित मिले। हालांकि, एक्सपायर दवाइयों का रखरखाव व्यवस्थित नहीं पाया गया। दवाओं के साथ अन्य सामान भी बिक्री के लिए रखा गया था।
स्टोर का फ्रिज चालू हालत में मिला, लेकिन उसमें तापमान प्रदर्शित करने की व्यवस्था नहीं थी। संचालक ने टीम को बताया कि एक्सपायर दवाइयां संबंधित कंपनी को वापस की जा चुकी हैं। वहीं, नारकोटिक्स दवाओं के क्रय-विक्रय से संबंधित रिकॉर्ड टीम के समक्ष प्रस्तुत किया गया। टीम ने संचालक को आवश्यक सुधारात्मक दिशा-निर्देश दिए।
अग्रवाल मेडिकोज में फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में बिक्री
अग्रवाल मेडिकोज में स्टोर मालिक मौजूद था, जबकि फार्मासिस्ट अवकाश पर थी। जांच के दौरान सामने आया कि फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में भी दवाओं की बिक्री की जा रही थी।
स्टोर के फ्रिज में रखी वैक्सीन निर्धारित तापमान पर नहीं मिली। अन्य दवाओं के साथ एक्सपायर दवाइयां भी रखी हुई थीं। कई दवाइयां कटी हुई अवस्था में मिलीं। इसके साथ ही स्टोर में साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई।
गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए टीम ने स्टोर को बंद कराते हुए दवाओं के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी।
ऑप्टिशियन मेडिकल स्टोर भी कार्रवाई की जद में
ऑप्टिशियन मेडिकल स्टोर में भी फार्मासिस्ट अनुपस्थित मिली। निरीक्षण के दौरान एक्सपायर दवाइयों का रखरखाव अव्यवस्थित पाया गया। स्टोर में रखा फ्रिज भी खराब स्थिति में मिला।
टीम ने संचालक को फ्रिज बदलने के निर्देश दिए। अनियमितताओं को देखते हुए स्टोर को तत्काल बंद कराया गया और दवाओं के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी गई।
ए. जेम्स एंड कंपनी में एक्सपायर्ड लाइसेंस मिला
ए. जेम्स एंड कंपनी मेडिकल स्टोर में फार्मासिस्ट और स्टोर मालिक उपस्थित मिले। टीम द्वारा लाइसेंस मांगे जाने पर संचालक वैध लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका। जांच में लाइसेंस की अवधि समाप्त पाई गई। नवीनीकरण से संबंधित आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं किए गए।
स्टोर में एक्सपायर दवाइयां अन्य दवाओं के साथ रखी हुई मिलीं। क्रय-विक्रय से संबंधित अभिलेख भी व्यवस्थित नहीं पाए गए और रैक में साफ-सफाई का अभाव था।
टीम ने निर्देश दिए कि जब तक स्टोर की सभी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरी नहीं हो जातीं, तब तक दवाओं के क्रय-विक्रय पर रोक रहेगी।
स्वास्थ्य और नागरिक अधिकारों की सुरक्षा प्राथमिकता
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने कहा कि इस प्रकार के निरीक्षणों का उद्देश्य केवल नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि आमजन के स्वास्थ्य और उनके वैधानिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है।
प्राधिकरण के अनुसार दवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षित भंडारण और उचित वितरण का सीधा संबंध नागरिकों के स्वास्थ्य से है। ऐसे में औषधि बिक्री में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून की सचिव सीमा डुंगराकोटी ने कहा कि प्राधिकरण जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर लगातार निगरानी और जागरूकता के लिए कार्य कर रहा है। आमजन के स्वास्थ्य और मूलभूत अधिकारों की सुरक्षा प्राधिकरण की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने कहा कि विशेष रूप से दूरस्थ और पर्यटन क्षेत्रों में संचालित स्वास्थ्य एवं औषधि प्रतिष्ठानों में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाना बेहद जरूरी है।
कार्रवाई के प्रमुख बिंदु
- मसूरी क्षेत्र के मेडिकल स्टोरों का संयुक्त औचक निरीक्षण।
- तीन प्रतिष्ठानों में दवाओं के क्रय-विक्रय पर रोक।
- कई दुकानों पर फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति मिली।
- एक्सपायर दवाइयों के अव्यवस्थित रखरखाव की शिकायत सामने आई।
- वैक्सीन के लिए निर्धारित तापमान व्यवस्था में खामी मिली।
- एक मेडिकल स्टोर का लाइसेंस एक्सपायर पाया गया।
- रिकॉर्ड, फ्रिज, सीसीटीवी और साफ-सफाई व्यवस्थाओं की भी जांच की गई।
- नियमों का पालन नहीं करने पर लाइसेंस निरस्तीकरण की चेतावनी।

