बलभद्र खलंगा विकास समिति का 52वां वार्षिक अधिवेशन संपन्न, दिवंगत पदाधिकारियों को दी श्रद्धांजलि
देहरादून, 16 अगस्त। बलभद्र खलंगा विकास समिति नालापानी, देहरादून का 52वां वार्षिक अधिवेशन रविवार को समिति कार्यालय भवन, खलंगा चौक नालापानी में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। अधिवेशन में समिति की गतिविधियों, उपलब्धियों और आगामी कार्ययोजनाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम की शुरुआत समिति की सचिव प्रभा शाह द्वारा सभी अतिथियों एवं उपस्थित सदस्यों के स्वागत और अभिनंदन के साथ हुई। इसके बाद समिति के दिवंगत मुख्य संरक्षक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट तथा संरक्षक ब्रिगेडियर पी.एस. गुरूंग को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
पिछले वर्ष के कार्यों और उपलब्धियों का प्रस्तुतिकरण
समिति के अध्यक्ष कर्नल विक्रम सिंह थापा ने उपस्थित सदस्यों और अतिथियों को वार्षिक अधिवेशन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने समिति द्वारा पिछले वर्ष किए गए कार्यों और हासिल की गई उपलब्धियों की जानकारी ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति के माध्यम से साझा की।
वहीं समिति के कोषाध्यक्ष महेश भूषाल ने वर्षभर के आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया और समिति की वित्तीय गतिविधियों की जानकारी सदस्यों के समक्ष रखी।
समिति के कार्यों की सराहना
अधिवेशन में समिति के संरक्षक एवं विधायक उमेश शर्मा काऊ तथा इंद्रेश उपाध्याय ने समिति की ओर से किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने सफल वार्षिक अधिवेशन के लिए समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों को शुभकामनाएं दीं और भविष्य में समिति की गतिविधियों के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
पूर्व पदाधिकारियों ने रखे सुझाव
वार्षिक अधिवेशन के दौरान समिति के पूर्व अध्यक्ष दीपक बोहरा, श्याम राना, कर्नल एम.बी. राना तथा जितेंद्र खत्री ने भी अपने विचार और सुझाव रखे। उन्होंने समिति की गतिविधियों को और प्रभावी बनाने तथा सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
समिति के पदाधिकारी और सदस्य रहे मौजूद
कार्यक्रम में समिति की उपाध्यक्ष बीनू गुरूंग, सांस्कृतिक सचिव कैप्टन वाई.बी. थापा, सहसचिव के.बी. कार्की, संगठन सहसचिव संजय थापा, संगठन सचिव सुरेश गुरूंग, रणवीर सिंह थापा, कुशल बोहरा, अनिल थापा, महेश क्षेत्री, शमशेर थापा, राजेंद्र गुरूंग, सपना मल्ल, माया राना, संकल्प पंथ, शेरजंग राना सहित समिति के अन्य पदाधिकारी, सदस्य एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
अधिवेशन में समिति की ऐतिहासिक विरासत, सामाजिक सरोकारों और सांस्कृतिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। 
