DEHRADUN

जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के दो दिवसीय प्रशिक्षण का समापन, अधिकारियों को दिए डिजिटल जनगणना के निर्देश

देहरादून। जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के तहत आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का बुधवार को नगर निगम मीटिंग हॉल में समापन हुआ। प्रशिक्षण के दूसरे दिन उत्तराखंड जनगणना निदेशक ईवा आशीष श्रीवास्तव ने चार्ज अधिकारियों, सहायक चार्ज अधिकारियों और तकनीकी सहायकों को जनगणना कार्य की महत्ता और डिजिटल प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी।

जनगणना निदेशक ने कहा कि जनगणना के दौरान एकत्र किया जाने वाला डाटा देश के लिए महत्वपूर्ण धरोहर के समान है। इसी डाटा के आधार पर सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं और नीतियों के निर्माण में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि देश में जनगणना का कार्य वर्ष 1881 से लगातार किया जा रहा है और इस बार पहली बार इसे डिजिटल माध्यम से संपादित किया जा रहा है।

सही डाटा अपलोड करना सबसे अहम

प्रशिक्षण में जिला जनगणना अधिकारी एवं जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों और कार्मिकों को जनगणना कार्य पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनगणना के दौरान प्राप्त होने वाली सूचनाओं की शुद्धता बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए सभी कार्मिक सही सूचना एकत्र करने के साथ उसे निर्धारित पोर्टल पर सही तरीके से अपलोड करना सुनिश्चित करें।

नगर जनगणना अधिकारी एवं नगर निगम आयुक्त ने भी प्रशिक्षण में मौजूद कार्मिकों को संबोधित करते हुए जनगणना कार्य को निर्धारित समयसीमा और प्रक्रिया के अनुसार पूरा करने पर जोर दिया।

जनगणना पोर्टल की दी गई विस्तृत जानकारी

जनगणना निदेशालय से आए प्रदीप यादव और कुलदीप चौहान ने प्रशिक्षणार्थियों को जनगणना पोर्टल के संचालन और डिजिटल प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों और कर्मचारियों को पोर्टल पर डाटा दर्ज करने, सूचनाओं को अपलोड करने तथा डिजिटल जनगणना से जुड़ी तकनीकी प्रक्रिया के बारे में प्रशिक्षण दिया गया।

तहसील से लेकर नगर निकायों के अधिकारी रहे मौजूद

दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में देहरादून जिले के सभी तहसीलदार, नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त, नगर पालिकाओं के अधिशासी अधिकारी और छावनी परिषदों के अधिकारी मौजूद रहे। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के कार्य को सुचारू रूप से संपादित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।