सरकारी भूमि से तत्काल हटेगा अतिक्रमण, पॉलीगॉन मैपिंग में लापरवाही पर 12 विभागों को नोटिस
देहरादून, 16 सितंबर 2026। सरकारी परिसंपत्तियों को अतिक्रमण मुक्त कराने और उनकी सीमाओं का सटीक निर्धारण करने को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक लेते हुए सभी विभागों को उच्च न्यायालय और शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि प्रत्येक विभाग अपनी सरकारी परिसंपत्तियों की सैटेलाइट पॉलीगॉन मैपिंग कराकर उनकी सीमा निर्धारित करे और मैप को अनिवार्य रूप से उत्तराखंड सरकारी परिसंपत्ति प्रणाली (यूके-जीएएमएस) पोर्टल पर अपलोड करे। पोर्टल पर चिह्नित होने वाले अतिक्रमण को तत्काल हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

काम शुरू नहीं करने वाले 12 विभागों को कारण बताओ नोटिस
बैठक में सामने आया कि कई विभागों ने अभी तक पॉलीगॉन मैपिंग का कार्य शुरू नहीं किया है। इस पर जिलाधिकारी ने विजिलेंस, उच्च शिक्षा निदेशालय, शहरी विकास निदेशालय, सूचना प्रौद्योगिकी एजेंसी, राज्य संपदा विभाग और यूकॉस्ट समेत 12 विभागों को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
डीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन विभागों की 100 से अधिक सरकारी परिसंपत्तियों की पॉलीगॉन मैपिंग लंबित है, उन्हें चेतावनी नोटिस जारी किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को मैपिंग का काम युद्धस्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए।
16 विभागों ने पूरी की मैपिंग
समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में 16 विभागों ने अपनी परिसंपत्तियों की पॉलीगॉन मैपिंग का कार्य 100 प्रतिशत पूरा कर लिया है। वहीं 41 विभागों में मैपिंग का काम अभी प्रगति पर है। जिलाधिकारी ने शेष विभागों को भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत तेजी से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
लापरवाही पर अधिकारियों की तय होगी व्यक्तिगत जिम्मेदारी
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि उच्च न्यायालय के आदेशों का अनुपालन सर्वोच्च प्राथमिकता पर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समीक्षा के दौरान यदि किसी विभाग की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई तो संबंधित विभागीय अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) स्मृता परमार, एमडीडीए के संयुक्त सचिव गौरव चटवाल, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी शशिकांत गिरी, लोनिवि के अधिशासी अभियंता नीरज कुमार, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता राजेंद्र पाल, जिला क्रीड़ा अधिकारी एस. गुरंग, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमलाल भारती, डीपीओ जितेंद्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
