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मुख्यमंत्री ने की कुंभ मेला-2027 की तैयारियों की समीक्षा

उत्तराखंडमुख्यमंत्री ने की कुंभ मेला-2027 की तैयारियों की समीक्षा

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मुख्यमंत्री ने की कुंभ मेला-2027 की तैयारियों की समीक्षा

देहरादून हरिद्वार, पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में कुंभ मेला-2027 की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आगामी वर्ष आयोजित होने वाला कुंभ मेला दिव्य, भव्य और ऐतिहासिक स्वरूप में संपन्न कराया जाएगा तथा श्रद्धालुओं की सुविधा, सुगमता और सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि इस महाआयोजन की व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी।


मेला नियंत्रण भवन में आयोजित बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों पर हुई कार्रवाई की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें और लिए गए निर्णयों का अविलंब अनुपालन सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने मेले से संबंधित स्थायी एवं अस्थायी कार्यों को आगामी अक्टूबर माह तक पूर्ण करने के निर्देश दिए तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु थर्ड पार्टी ऑडिट कराने को भी कहा।

मुख्यमंत्री ने परिवहन एवं पार्किंग की समुचित व्यवस्था पर विशेष बल देते हुए वैकल्पिक मार्गों के चिन्हीकरण तथा भीड़ प्रबंधन की विस्तृत योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्नान, आवागमन और ठहराव की व्यवस्थाएं संभावित भीड़ को ध्यान में रखकर सुनिश्चित की जाएं। महिला एवं वृद्ध श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रबंध किए जाएं।

स्वच्छता व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने स्वयंसेवी संगठनों का सहयोग लेने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य सुविधाओं की सुदृढ़ व्यवस्था के तहत बीमार श्रद्धालुओं को शीघ्र स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने के लिए बोट एवं बाइक एंबुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ मेले के सफल आयोजन हेतु साधु-संतों, अखाड़ों, जनप्रतिनिधियों तथा धार्मिक एवं स्वयंसेवी संगठनों के सुझावों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, साइबर सुरक्षा, अग्निशमन एवं रेस्क्यू टीमों की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।

स्थायी कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कुंभ क्षेत्र में निर्मित पुलों का सुरक्षा ऑडिट कराने, घाटों के सुदृढ़ीकरण, सुरक्षा रेलिंग एवं फिसलन-रोधी व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। आवश्यकता होने पर गंग नहर के क्लोजर के लिए उत्तर प्रदेश के अधिकारियों से समन्वय स्थापित करने को कहा। कुंभ प्रारंभ होने से पूर्व सभी विद्युत लाइनों को भूमिगत करने के निर्देश भी दिए गए।

भूमि प्रबंधन एवं आवंटन की पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ क्षेत्र को पूर्णतः अतिक्रमणमुक्त रखा जाए और इसकी मॉनिटरिंग मेलाधिकारी स्वयं करें।

बैठक में सतपाल महाराज, सुबोध उनियाल तथा पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने भी सहभागिता करते हुए महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

इस अवसर पर मेलाधिकारी सोनिका सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने मेले से संबंधित कार्यों की प्रगति तथा प्रस्तावित योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।