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देहरादून में नकली दवाइयों की फैक्ट्री का भंडाफोड़, नामी कंपनियों के नाम पर बन रही थीं दवाइयां

देहरादून। भारत केसरी

उत्तराखंड में नकली दवाइयों के कारोबार के खिलाफ खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए देहरादून के ईस्ट होप टाउन क्षेत्र में एक अवैध दवा निर्माण इकाई का भंडाफोड़ किया है। छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में नकली दवाइयां, पैकिंग सामग्री और दवा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मशीनें बरामद की गईं। प्रारंभिक जांच में इस नेटवर्क के तार अन्य राज्यों से जुड़े होने की आशंका भी सामने आई है।

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विभाग को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर 22 जुलाई को ग्राम देवपुर, ईस्ट होप टाउन (परवल) स्थित एक मकान में छापेमारी की गई। जांच में पाया गया कि किराए पर लिए गए एक कमरे में प्रतिष्ठित दवा कंपनियों के नाम पर नकली दवाइयों का निर्माण किया जा रहा था। मौके से तैयार दवाइयों का बड़ा जखीरा, पैकिंग सामग्री और निर्माण उपकरण जब्त किए गए।

 

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस प्रकार की नकली दवाइयां मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं। मामले की जांच के दौरान दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की गहन पड़ताल की जा रही है। संदिग्धों से पूछताछ जारी है और पूरे नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

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अपर आयुक्त ताजबर जग्गी ने बताया कि हाल ही में दमन एवं दीव में आयोजित देशभर के ड्रग कंट्रोलरों की बैठक में नकली दवाओं के कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने के लिए राज्यों के बीच समन्वय और सूचनाओं के नियमित आदान-प्रदान पर सहमति बनी थी। इसी के तहत उत्तर प्रदेश औषधि नियंत्रण विभाग के साथ मिलकर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।

 

वहीं, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने कहा कि प्रदेशवासियों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नकली दवाइयों का कारोबार जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी तथा भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे।