एकल महिलाओं को मिला स्वरोजगार का सहारा, करोड़ों की सहायता राशि वितरित
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्य सेवक सदन में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के द्वितीय चरण के तहत 212 नई महिलाओं को पहली किस्त और 276 लाभार्थियों को दूसरी किस्त जारी की। इस दौरान कुल ₹2.76 करोड़ से अधिक की सहायता राशि वितरित की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य एकल, निराश्रित, परित्यक्ता और विधवा महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे अपने ही क्षेत्र में स्वरोजगार स्थापित कर सम्मानजनक जीवन जी सकें।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि योजना के तहत कृषि, पशुपालन, ब्यूटी पार्लर, सिलाई सहित विभिन्न व्यवसायों के लिए अधिकतम ₹2 लाख की परियोजना पर 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।
योजना के तहत 10 फरवरी 2026 को प्रथम चरण में 484 महिलाओं को पहली किस्त जारी की गई थी। वहीं अब दूसरे चरण में 8 जनपदों की 212 नई महिलाओं को ₹1.55 करोड़ से अधिक की पहली किस्त और 276 महिलाओं को ₹1.20 करोड़ से अधिक की दूसरी किस्त प्रदान की गई।
कार्यक्रम में कई लाभार्थियों ने अपनी सफलता की कहानियां भी साझा कीं। देहरादून की नीलू जैन ने सहायता से आगरा के प्रसिद्ध पेठे का कारोबार शुरू किया, जबकि सुषमा थापा हस्तशिल्प और सिलाई के जरिए स्वयं के साथ अन्य महिलाओं को भी रोजगार दे रही हैं। कैंसर से जूझ चुकी पूजा सेठी ने सिलाई का व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भरता हासिल की। वहीं पिथौरागढ़ की बसंती देवी ने बुटीक व्यवसाय दोबारा शुरू करने का संकल्प लेते हुए कहा—”रोडपति से करोड़पति बनकर दिखाऊंगी।”
