“संस्थागत प्रसव के लिए घर-घर पहुंची स्वास्थ्य टीम, 100% सुरक्षित डिलीवरी का लक्ष्य”
घर-घर दस्तक: संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने में जुटा स्वास्थ्य विभाग, 100% लक्ष्य पर फोकस
देहरादून।
जनपद में सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के प्रयास तेज कर दिए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा के निर्देशन में विभागीय टीमें अब उन क्षेत्रों में विशेष अभियान चला रही हैं, जहां हाल ही में गृह प्रसव के मामले सामने आए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं की पहचान कर रही हैं, जिनकी डिलीवरी आगामी महीनों में संभावित है। इसके साथ ही परिवार के सदस्यों को संस्थागत प्रसव के महत्व और इसके लाभों के बारे में जागरूक किया जा रहा है।


**🏠 क्षेत्रीय अभियान तेज
शुक्रवार को टीम ने खुड़बुड़ा क्षेत्र के शिवाजी नगर, कांवली रोड, छबीलबाग, चूना भट्टा और भगत सिंह कॉलोनी में घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों से संवाद किया। इस दौरान जननी सुरक्षा योजना, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, ईजा-बोई और खुशियों की सवारी जैसी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
**🎯 100% संस्थागत प्रसव का लक्ष्य
सीएमओ डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि कुछ क्षेत्रों में गृह प्रसव के मामलों को गंभीरता से लेते हुए अब गर्भवती महिलाओं की ट्रैकिंग शुरू कर दी गई है। एक टीम फोन के माध्यम से संपर्क कर रही है, जबकि दूसरी टीम सीधे घर जाकर जागरूकता फैला रही है। उन्होंने कहा कि विभाग का लक्ष्य है कि जनपद में सभी प्रसव संस्थागत रूप से ही कराए जाएं।
**👥 टीम में शामिल रहे सदस्य
इस अभियान में जिला आईईसी समन्वयक पूजन नेगी, ब्लॉक आशा समन्वयक पंचम बिष्ट और संगीता नवानी, एएनएम सविता बोकाडिया, आशा फैसिलिटेटर मकानी राणा, नाजमा सैफी, हरी देवी समेत कई आशा कार्यकर्ता सक्रिय रूप से शामिल रहीं।
स्वास्थ्य विभाग का यह अभियान न केवल मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सुरक्षित प्रसव के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभा रहा है।



