DEHRADUN

मैनुअल स्कैवेंजिंग पर सख्त हुआ आयोग, सफाई कर्मियों के हितों पर जोर

देहरादून। भारत केसरी

उत्तराखंड राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री) भगवत प्रसाद मकवाना ने सफाई कर्मचारियों के अधिकारों और सुविधाओं को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। विकास भवन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने मैनुअल स्कैवेंजिंग के उन्मूलन में धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए दोबारा सर्वेक्षण कराने और चिन्हित लोगों के पुनर्वास की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि हाथ से मैला ढोने जैसी अमानवीय प्रथा को पूरी तरह समाप्त करना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए ऋण सहायता, कौशल विकास, स्वरोजगार और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाया जाए।

बैठक में उपाध्यक्ष ने ‘नमस्ते योजना’ के तहत सफाई मित्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने सभी सफाई कर्मियों को पीपीई किट और सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने तथा सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई को पूरी तरह मशीनीकृत करने के निर्देश दिए।

 

भगवत प्रसाद मकवाना ने 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके उपनल कर्मियों को “समान कार्य-समान वेतन” का लाभ देने के लिए संबंधित विभागों से 15 दिनों के भीतर सूची उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही आउटसोर्स कर्मचारियों को ईपीएफ, ईएसआई, अवकाश और न्यूनतम वेतन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

 

उन्होंने स्पष्ट कहा कि सफाई कर्मचारियों का किसी भी प्रकार का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दून मेडिकल कॉलेज में सफाई कर्मियों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी न देने पर संबंधित एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश भी जारी किए गए।

 

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उपाध्यक्ष ने समाज कल्याण विभाग परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।