महिला आरक्षण की आड़ में भाजपा ने देश के सामाजिक और संघीय ढांचे को प्रभावित करने की कोशिश
देहरादून में एआईसीसी सदस्य और उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने भारतीय जनता पार्टी पर महिला आरक्षण के मुद्दे को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण के बहाने केंद्र सरकार देश में बिना जातीय जनगणना के परिसीमन कराने की साजिश रच रही थी, जिसे इंडिया गठबंधन ने एकजुट होकर विफल कर दिया।
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धस्माना ने कहा कि वर्ष 2023 में लाया गया महिला आरक्षण विधेयक सभी दलों की सहमति से पारित हुआ था, लेकिन कांग्रेस ने तब भी मांग की थी कि इसे 2011 की जनगणना के आधार पर तत्काल लागू किया जाए। उनका आरोप है कि भाजपा सरकार ने जानबूझकर जनगणना का हवाला देकर इसे टाल दिया।
उन्होंने आगे कहा कि संसद का विशेष सत्र बुलाकर जो नया विधेयक लाया गया, उसके पीछे राजनीतिक मंशा थी। धस्माना के अनुसार, इससे एक ओर पिछड़े और वंचित वर्ग को आरक्षण के लाभ से दूर रखने की कोशिश की जा रही थी, वहीं दूसरी ओर परिसीमन के जरिए विपक्षी राज्यों, खासकर दक्षिण भारत के प्रभाव को कम करने की योजना थी।
धस्माना ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने रणनीति के तहत बिल पास होने पर श्रेय लेने और असफल होने पर विपक्ष को महिला विरोधी बताने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि नेता विपक्ष राहुल गांधी सहित इंडिया गठबंधन के नेताओं ने इस रणनीति को उजागर कर दिया।
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उन्होंने जानकारी दी कि उत्तराखंड में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में पार्टी प्रदेशभर में महिला पंचायत और सम्मेलन आयोजित कर इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाएगी
