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09 मई को देहरादून में आयोजित होगी राष्ट्रीय लोक अदालत, सुलह-समझौते से मिलेगा त्वरित न्याय

**देहरादून, भारत केसरी , दिनांक: 24 अप्रैल 2026

09 मई को देहरादून में आयोजित होगी राष्ट्रीय लोक अदालत, सुलह-समझौते से मिलेगा त्वरित न्याय

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून के तत्वावधान में आगामी 09 मई, 2026 को जनपद देहरादून मुख्यालय सहित समस्त बाह्य न्यायालय परिसरों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य लंबित एवं प्री-लिटिगेशन वादों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर त्वरित, सुलभ एवं सौहार्दपूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करना है।

सचिव/सिविल जज (वरिष्ठ प्रभाग) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून, सीमा डुंगराकोटी ने जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में दीवानी, वैवाहिक एवं पारिवारिक वाद, चेक बाउंस प्रकरण, वसूली, मोटर दुर्घटना से संबंधित वाद, श्रम विवाद, उपभोक्ता फोरम के मामले तथा प्री-लिटिगेशन वादों का निस्तारण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त न्यायालयों में लंबित शमनीय प्रकृति के मोटर वाहन अधिनियम (एमवी एक्ट) के चालानों का भी निपटारा किया जाएगा, जिसमें निर्धारित शुल्क जमा कर बिना अतिरिक्त व्यय के मामलों का समाधान संभव होगा।

उन्होंने बताया कि शमनीय वादों में तेज गति से वाहन चलाना, खतरनाक तरीके से वाहन चलाना, बिना लाइसेंस/आरसी/इंश्योरेंस/परमिट के वाहन चलाना, बिना सीट बेल्ट या हेलमेट वाहन चलाना, अधिक सवारी बैठाना, अनावश्यक हॉर्न बजाना, आपातकालीन वाहनों को रास्ता न देना सहित अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामले शामिल हैं। हालांकि, शराब पीकर वाहन चलाने तथा नाबालिग द्वारा वाहन चलाने जैसे मामलों को शमनीय श्रेणी में शामिल नहीं किया गया है।

लोक अदालत की विशेषता यह है कि इसमें निस्तारित मामलों पर कोई न्यायालय शुल्क देय नहीं होता। यदि पूर्व में शुल्क जमा किया गया है, तो उसे नियमानुसार वापस किया जाता है। लोक अदालत के निर्णय अंतिम एवं बाध्यकारी होते हैं तथा इनके विरुद्ध कोई अपील नहीं की जा सकती।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आमजन से अपील की है कि जिनके वाद देहरादून, ऋषिकेश, विकासनगर, डोईवाला, चकराता एवं मसूरी के न्यायालयों में लंबित हैं, वे 09 मई 2026 से पूर्व संबंधित न्यायालय में राजीनामे के आधार पर आवेदन कर इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाएं।

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